Category "Health"

19Oct2022

Health Tips : डिप्रेशन एक मानसिक अवस्था का दौर है जिसे अक्सर सिर्फ बड़ों की समस्या कहा जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है। डिप्रेशन किसी भी उम्र में होने की संभावना है। आजकल डिप्रेशन की अवस्था छोटे छोटे बच्चों में भी देखा जा रहा है लेकिन चिंता की बात यह है कि जब बच्चे डिप्रेशन से गुजरते हैं तो अधिकतर मामले में किसी को पता नहीं चल पाता है।

आज से लगभग चालीस साल पहले, बच्चों में होने वाले डिप्रेशन के बारे में ज्यादा जागरूकता नहीं थी लेकिन आज  बच्चों के इस मानसिक अवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। तो इसकी पहचान कैसे हो कि बच्चे डिप्रेस्ड है या नहीं? डॉक्टर्स का मानना है कि सभी बच्चों में एक जैसे लक्षण नहीं होते।

कभी कभी बच्चों के मूड स्विंग्स को घरवाले या टीचर्स उनके विकास का हिस्सा मान लेते हैं जबकि ऐसा नहीं है। यूँ तो बच्चों में डिप्रेशन के ढेर सारे लक्षण है लेकिन आम तौर पर उनकी आदतों में आए अचानक बदलाव पर जरूर ध्यान देना चाहिए, जैसे अगर कोई बच्चा या बच्ची लगातार उदास, निराश और चुप चुप रहने लगे, अगर वे बहुत कम या बहुत ज्यादा खाना खाने लगे, अगर उन्हें बहुत कम या बहुत ज्यादा नींद आने लगे, अगर वे किसी भी काम या पढ़ाई में ध्यान केंद्रित ना कर सके, अगर बच्चे बिना कारण थकान, कमजोरी महसूस करने लगे और बात बात पर चिढ़ने और क्रोधित होने लगे, अगर उनका मूड लगातार बदलने लगे, पहले जिन कार्यों में वे रुचि लेते रहे हो, उसमें रुचि ना ले, उनके आत्मविश्वास में एकदम कमी आ जाए, उन्हें अक्सर पेट दर्द, सर दर्द, माइग्रेन होने लगे और हर वक्त उनके चेहरे पर परेशानी और हताशा के भाव दिखने लगे, अगर वे समाज से कटने लगे और लोगों से मिलने जुलने, बातें करने से बचने या छुपने लगे और छोटी छोटी बात पर रोने लगे तो घरवालों को अलर्ट हो जाना चाहिए।

तब  बहुत प्यार से बच्चों से उनका हाल और तबीयत के बारे में पूछना चाहिए। बच्चों में डिप्रेशन के बहुत से कारण होते हैं, जैसे उनके आसपास का महौल, उनका शारीरिक स्वास्थ्य, स्कूल कॉलेज में उनके साथ कोई दुर्व्यवहार, हिंसा, दवाब, तनाव, डर वगैरह। परिवार में किसी को अगर अवसाद रहा हो तो वो अनुवांशिक तौर पर बच्चों को भी हो सकता है। कई बार बच्चों के शरीर में कोई केमिकल में असंतुलन जैसे सेरोटोनिन में कमी भी डिप्रेशन का कारण हो सकता है। यदि बच्चों में इस प्रकार के लक्षण हो तो उसे कतई नजरअंदाज ना करें।

उन्हें कभी गुस्से और डांट कर समझाने की कोशिश ना करें। भूलकर भी उनकी तुलना किसी और से ना करें। उनके साथ प्यार, अपनापन और दोस्ती की भावना से बात करें, बच्चे या बच्ची को यह विश्वास दिलाए कि उनकी परेशानी में आप उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और वो जरूर इस मानसिक अवस्था से उबर जाएंगे। बच्चों पर किसी बात का प्रेशर ना डालें, कोई जबर्दस्ती ना करें।

बच्चों की भावनाएं और बातों को पूरे मन और ध्यान से सुनें, उनके आत्म सम्मान पर कभी ठेस ना लगाएं। उन्हें भरपूर वक्त दें, पौष्टिक खाना खिलाएं, उनके साथ खेलिए, घूमने जाएं और उनके अच्छे गुणों की हमेशा तारीफ करें। यदि  आपको लगे कि बच्चा /बच्ची में कोई सुधार नहीं हो रहा है तो किसी अच्छे मानसिक रोक विशेषज्ञ की मदद जरूर लें।

डॉक्टर पहले बच्चे की काउंसिलिंग करेंगे, अगर बहुत जरूरी हो तो ही दवा भी देंगे जिसे नियमित रूप से बच्चे /बच्ची को लेना होगा। और ध्यान रहे, डॉक्टर के परामर्श के बिना बच्चों को कोई दवाई  नहीं लेना चाहिए और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां अपनी मर्जी से बंद भी नहीं करना चाहिए वर्ना स्थिति गंभीर हो सकती है।

बच्चों को भी चाहिए कि अगर उनके जीवन में कोई परेशानी हो तो अपने माता पिता और टीचर से जरूर – जरूर शेयर करना चाहिए, अपनी परेशानियाँ छुपाना नहीं चाहिये।

22Jun2022

21 जून को विश्वभर में ज्यादातर जगहों पर योग दिवस मनाया जाता है। दरअसल हमारे देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी ने 27 नवंबर 2014 को, संयुक्त महासभा में, दुनियाभर में योग दिवस मनाने की पहल की थी और उनके इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकार करते हुए प्रस्ताव को पारित कर दिया

12Mar2022

बच्चों में पानी की कमी सबसे आम गर्मियों में स्वास्थ्य चिंता का विषय है, क्योंकि बच्चे खेलने में इतने व्यस्त होते हैं कि वे पानी पीना भूल जाते हैं! उन्हें लगता है कि वे सामान्य से अधिक पानी पीते हैं, लेकिन यह उनके शरीर में जरूरी मात्रा से कम होता है। ज्यादा समस्या तब बढ़ती है जब वे नियमित रूप से बाहर खेलते हैं, जहां उन्हें बहुत पसीना आता है। पानी कि कमी के संकेतों में अत्याधिक प्यास, थकान और बहुत कम मूत्र उत्पादन शामिल हैं। ऐसी स्थितियों में, उन्हें पानी या नारियल पानी दें – ये पसीने के माध्यम से खो गए खनिजों और पानी को बहाल करने में मदद करते हैं।

26Jan2022

Health Tips : वायरस या बैक्टीरिया (कीटाणु) मध्य कान के बीच के  इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। यूस्टेशियन ट्यूब मध्य कान को गले के पीछे से जोड़ता है। जब ठंड से यूस्टेशियन ट्यूब में सूजन हो जाती है तो कीटाणु गले के पीछे से यात्रा करते हैं, जिससे कान के बीच में इन्फेक्शन होता है।

18Nov2021

Health Tips : बच्चों को सामान्य वृद्धि और विकास प्राप्त करने के लिए मांसाहारी  आहार की आवश्यकता नहीं है, शाकाहारी आहार अक्सर निम्नानुसार समूहित किए जाते हैं

25Sep2021

बच्चों में मोटापा :- प्रौढ़ता में बचपन से मोटापे की निरंतरता को जाना जाता है, जर्मनी के एक जनसंख्या-आधारित अध्ययन की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 90 प्रतिशत बच्चे जो तीन साल की उम्र में मोटापे से ग्रस्त थे, किशोरावस्था के दौरान अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त रहे और वजन सबसे ज्यादा छह साल की उम्र से पहले बढ़ता है।

27Aug2021

Sleep Hygiene: पूर्वस्कूली उम्र (रात में 10 से 13 घंटे) किशोर तक (8 से 10 घंटे)
 सोने का एक समय निर्धारित करें।
 स्कूल की रातों और गैर-स्कूली रातों के बीच का समय और जागरण का समय एक ही होना चाहिए।
 एक दिन से दूसरे दिन एक घंटे के अंतर से अधिक नहीं होना चाहिए।

19Jul2021

बच्चों को सालों साल तंदुरूस्त और स्वस्थ रखने के लिए इन खाने के पदार्थों का इस्तेमाल करे जो आपके प्रतिरक्षी तंत्र की शक्ति को बढ़ाते है

क्या आपके बच्चे को सर्दी है? अपने बच्चे के लिए हमारे 10 प्राकृतिक शीत उपचार की जाँच करें

मैं आपसे यह वादा नहीं कर सकता कि आप अपने बच्चों को बीमार होने से पूरी तरह से बचा सकते हैं। कुछ खाद्य पदार्थों में सटीक पोषक तत्व होते हैं जो आपके बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली को यथासंभव मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं, इसलिए जब वे कीटाणुओं के संपर्क में आते हैं, तो वे उनसे लड़ने के लिए तैयार होते हैं।

बादाम
बादाम विटामिन ई और मैंगनीज से भरपूर होता है, यह एक मजबूत प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाली जोड़ी है जो प्राकृतिक रूप से मारने वाले सेल की गतिविधि को बढ़ाते हैं।

जामुन
जामुन एंटीआॅक्सिडेंट से भरे होते हैं, जो आपके शरीर को मुक्त कणों के कारण होने वाले आॅक्सीडेटिव तनाव से लड़ने में मदद करते हैं। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को लड़ते रहने में मदद करता है! कई अलग-अलग जामुन हैं जिन्हें आपको अपने बच्चों के आहार में शामिल करने की कोशिश करनी चाहिएः स्ट्राॅबेरी, ब्लूबेरी, रसभरी, क्रैनबेरी, और ब्लैकबेरी ऐसे कुछ नाम है। अगर जामुन का मौसम न हो तो चिंता मत कीजिये, जमे हुए जामुन भी पौष्टिक होते हैं।

दही
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आपके प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करते हैं। बस सुनिश्चित करें कि आप कम चीनी या बिना चीनी वाली दही का उपयोग कर रहे हैं, क्योंकि चीनी का हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली पर विपरीत प्रभाव पड़ता है!
कम मीठी दही के लिए, मेपल सिरप और वेनिला अर्क की थोड़ी मात्रा के साथ सादे दही को मिलाकर खाये। मेरे बच्चे इसे पसंद करते हैं और इसमें बाजार में मिलने वाली वैनिला दही की तुलना में बहुत कम चीनी होती है।

ब्रोकली
यह कोई रहस्य नहीं है कि ब्रोकली एक पोषण शक्ति केंद्र है। इसे कई प्रतिरक्षा प्रणाली बूस्टर मिले हैं, जिनमें विटामिन सी, ए, और ई और कई एंटीआॅक्सिडेंट शामिल हैं।

अंडे
शोध से पता चला है कि जब किसी व्यक्ति में विटामिन डी में कम होता है, तो वे बीमारी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। अंडे स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले विटामिन डी के साथ एकमात्र खाद्य पदार्थों में से एक हैं। इनमें कई अन्य प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले पोषक तत्व भी शामिल हैं, जैसे की विटामिन बी और सेलेनियम।

और पढ़ें :

स्पीकर और मैसेज से करें मोबाइल पर बात?

बच्चों में चिकन पॉक्स: इलाज और निवारण

27May2021

प्रश्नः टीबी क्या है? यह कैसे फैलता है? इसका इलाज कैसे किया जाता है? एः ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस) के कारण होता है जो अक्सर फेफड़ों को प्रभावित करते हैं। तपेदिक इलाज योग्य और रोके जाने योग्य है।

1Apr2021

स्पीकर और मैसेज से करे मोबाइल पर बात और मोबाइल को कान से लगातार सटा कर बात करने से रेडिएशन का खतरा हैं। इससे निकलने वाले रेडिएशन ब्रेन में मौजूद टिश्यू को डैमेज कर सकते हैं। इससे बेहतर हैं कि मोबाइल फोन से बात करने के लिए मैसेज या स्पीकर का प्रयोग करें।