Category "Moral Stories"

18Jan2022

(जंगल की कहानी) लंबू जिराफ का कद :- लंबू जिराफ अपने कद को लेकर बहुत पेरशान था। पेरशानी तो थी ही। चीकू खरगोश, चिंटू बंदर टीकू लोमड़ सभी उसे लंबू-लंबू कहकर चिढ़ाते रहते थे, कक्षा में भी उसकी मुसीबत थी। सब तो आगे की बैंच पर बैठते पर लंबू को सबसे पीछे बैठना पड़ता था।

12Jan2022

जंगल कहानी : चीकू की बुद्धि का कमाल: – हर रोज की तरह आज भी चीकू (खरगोश) स्कूल से पढ़ने के बाद अकेला घर वापस लौट रहा था। सहसा उसकी नजर टोनी (भालू) पर पड़ी। जो उसी की ओर लम्बे डग भरता चला आ रहा था।

4Jan2022

LOTPOT के पिटारे से एक अच्छी कहानी : बचत का महत्व:- किसी शहर में माधव और राधे नाम के दो व्यापारी रहते थे। दोनों में गहरी मित्रता थी। दोनों का व्यापार अच्छा चल रहा था। दोनों में बहुत कुछ समानता थी।

3Jan2022

एक गाँव में एक नाविक और एक  मछुआरे की अच्छी दोस्ती थी। नाविक एक नेक और  गरीब इंसान था और मछुआरा एक धनवान पर लालची आदमी था। एक दिन नाविक जब सुबह सुबह नाव खोलने नदी पर पहुंचा तो उसने देखा कि उसकी नाव वहां नहीं थी।

1Jan2022

जंगल की कहानी : मच्छर का घमंड: – एक तालाब के किनारे एक हाथी आराम कर रहा था। उसके विशाल पीठ पर कई पक्षियां बैठी चहचाहा रही थी। तभी पास की झाड़ी से एक बड़ा सा काला मच्छर अपने दल बल के साथ उड़ता हुआ हाथी के सर पर जा बैठा।

30Dec2021

Christmas Story  : एक कंपनी में प्रत्येक क्रिसमस से पहले एक पार्टी और लॉटरी का आयोजिन किया जाता था। लॉटरी ड्रॉ के नियम इस प्रकार थे। प्रत्येक कर्मचारी को एक फंड के रूप में, दस डॉलर जमा करना होता था, कंपनी में तीन सौ लोग थे। यानी कुल तीन हजार डॉलर जुटाए जाते थे। फिर जब ड्रॉ होता था तो कोई एक विजेता सारा पैसा घर ले जाता था।

28Dec2021

शिक्षा देती एक सुन्दर कहानी : माली का सबक:- एक फलों का बगीचा था। उस बगीचे में एक पुराना आम का पेड़ था जिसमें एक तोता अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता था। बाग के माली को इनसे प्यार हो गया था

27Dec2021

बाल कहानी : कोशिश करने वालों की हार नहीं होती  :- एक बादाम के पेड़ पर दो गिलहरियाँ रहती थी। दोनों की पक्की दोस्ती थी। उनमें से एक गिलहरी बड़ी चुस्त और दूसरी आलसी थी। एक दिन दोनों गांव की सैर करने सुबह सवेरे निकल पड़े।

15Dec2021

जंगल की कहानी (Jungle Story): गिलहरी की सीख :- चंदन वन में मैना रहती थी। वह बहुत ही मेहनती थी। छोटे से जमीन के टुकड़े पर वह गेहंू उगाती और फिर पूरे सारा साल आराम से खाती। उसे आराम से गेहूं खाते देख उसका पड़ोसी कौआ रात-दिन दुखी होता।

4Dec2021

महाकवि कालिदास : हमें कैैसा बनना चाहिए? : कहानी राजा भोज के काल की है। उनके दरबार में एक से एक विद्वान दरबारी के रूप में आदर पाते थे। महाकवि कालिदास जैसे विद्वान और कुशल कवि उनके दरबार की शोभा बढ़ाते थे। एक बार की बात है। राजा भोज ने अपने विद्वान दरबारियों से एक प्रश्न किया। प्रश्न था हमें कैसा बनना चाहिए?