Category "All Stuff"

3Jan2020

राहुल का दिमाग पढ़ाई में ठीक था लेकिन वह मेहनत से ज्यादा अपनी किस्मत पर भरोसा करता था। जब भी उसे कोई समझाने की कोशिश करता। तो वह कहता था, अरे अगर मेरी किस्मत में पास होने लिखा होगा तो मैं ऐसे ही पास हो जाऊँगा और अगर मेरी किस्मत में फेल होना लिखा है तो चाहें मैं कितनी भी मेहनत क्यों न करूँ, मुझे दुनिया की कोई ताकत पास नहीं कर सकती। राहुल के मम्मी-पापा उसे बहुत समझाते लेकिन वह एक कान से सुनता और दूसरे सेे निकाल देता।

3Jan2020

आपको लगता होगा की कबड्डी और खोखो की तरह कैरम भी सिर्फ भारत में खेले जाने वाला एक और खेल है। लेकिन ऐसा नहीं है, कैरम का खेल साउथ ईस्ट एशिया में भी  फैला हुआ है और इसकी कई अंतर्राष्ट्रीय चैम्पियन भी खेली जा चुकी है।

3Jan2020

चिकन पॉक्स एक बहुत तेजी से फैलने वाला इन्फेक्शन होता है जो हर्पीस वायरस परिवार के वेरीसेल्ला जोस्टर वायरस से होता है। यह वायरस दाद और खुजली के लिए भी जिम्मेदार होता है।
चिकन पॉक्स में पूरे बदन में दाने और खारिश से दाग पड़ जाते है और फिर बुखार होता है।

3Jan2020

मकर सक्रांति को हर साल 14 जनवरी के दिन मनाया जाता है।यह त्यौहार बीते हुए खुशियों का जश्न मनाने के साथ फसल पैदावार की शुरूआत का प्रतीक है। इस त्यौहार को परिवर्तनकाल भी कहा जाता है क्यूंकि इस दिन से राते छोटी और दिन लम्बे होने लगते है। इस त्यौहार के बाद ठण्ड कम होने लगती है और दिन गर्म होने शुरू हो जाते है।

3Jan2020

यह पंजाबी त्यौहार आग के आसपास रेवड़ी और मूंगफली खाने से कई आगे है। यह त्यौहार दिवाली और होली की तरह हर साल अपनी तारिख नहीं बदलता। पंजाबी त्यौहार लोहड़ी को हर साल 13 जनवरी के दिन मनाया जाता है। यह त्यौहार ठण्ड के कम होने का प्रतीक है लेकिन पारम्परिक बातों के अनुसार लोहड़ी रबी फसल की पैदावार से जुड़ा हुआ है। गन्ने की फसल की पैदावर के लिए जनवरी पारम्परिक समय है इसलिए लोहड़ी को पैदावर का त्यौहार भी कहते है

3Jan2020

स्वामी विवेकानंद भारतीय सन्यासी थे। वह विश्व में हिन्दू धर्म की जागरूकता फैलाने और वेदांत और योग की फिलाॅसफी का प्रचार करने के लिए मशहूर है।
स्वामी विवेकानंद का असली नाम नरेन्द्रनाथ दत्ता था। उनका जन्म अमीर बंगाली परिवार में 12 जनवरी 1863 में हुआ था। उस समय भारत पर अंग्रेजो का राज था और कलकत्ता भारत की राजधानी थी। उनके पिता विश्वनाथ दत्ता कलकत्ता हाई कोर्ट के अटाॅर्नी थे और उनकी माँ घर संभालती थी।

3Jan2020

रोमिका जंगल का शासक ‘राॅकी शेर’ प्रति वर्ष नये साल पर खूब खुशियाँ मनाया करता। नये साल की नूतन बेला में वह जंगल के समस्त प्राणियों को दावत देता और विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएँ भी आयोजित करवाता। इससे जंगल के सभी प्राणी बड़े खुश रहते। और उन्हें नये साल के आगमन का हर साल बेसब्री से इंतजार रहता। एक साल-नूतन वर्ष के दिन संत मीन्टू भालू पधारे। उन्होंने अपना पड़ाव जंगल की सीमा पर ही जमाया। उनकी प्रसिद्धि की शौहरत सुनकर खुद ‘राॅकी शेर’ उनके दर्शनार्थ पहुँचा और बोला। आज नूतन वर्ष का शुभ दिन है।