Posts Tagged "Lotpot Ki Kahania"

23Mar2021

बाल कहानी : साधु रूप में बहुरूपिया :- बहुरूपिया राजा के दरबार में पहुँचा और बोला यश पताका आकाश में सदैव फहराती रहे। बस दस रूपये का सवाल है, महाराज से बहुरूपिया और कुछ नहीं चाहता।

13Jan2021

शिक्षाप्रद बाल कहानी (Moral Stories) : मूर्खता की सजा- एक गांव में भगवान दास नाम का एक आलसी और अंधविश्वासी आदमी रहता था। वह अपने आप को भगवान का सबसे बड़ा भक्त मानता था और यही कहता फिरता कि किसी को कोई काम करने की जरूरत नहीं, सिर्फ भगवान का नाम लेने से सब कुछ मिल जाएगा। गांव वाले उसे कितना समझाते कि इस तरह निठल्ले बैठे रहना बुरी बात है, लेकिन भगवान दास किसी की नहीं सुनता था और दिनरात घर बैठा इंतजार करता कि ईश्वर कब आकर उसका भाग्य बदल देंगे।

7Jan2021

जंगल की कहानी (Jungle Story) : सही फैसला –  मिंकी खरगोश और चुनमुन कछुए में गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साथ रहते थे। खेलते कूदते थे और सैर सपाटा करते थे। यूं तो दोनों में बहुत पक्की दोस्ती थी। परन्तु कभी कभी किसी बात को लेकर काफी बहस हो जाया करती थी और वह बहस फिर लड़ाई का रूप ले लेती थी। और इसके बाद फिर आपस में घुलमिल जाते थे और सब कुछ भूल जाते थे। उन दोनों के इस व्यवहार तथा आदत से सब अच्छी तरह परिचित थे,

4Jan2021

जंगल की कहानी (Jungle Kids Story) : पानी की उपयोगिता – एक जंगल में पीने के पानी की बड़ी समस्या थी। जंगल के जानवरों के अनुरोध पर शेर ने जगह जगह हैन्डपम्प व नल लगवाये। जंगल को पानी सुलभ होने लगा।

2Dec2020

संजय की खुशी का ठिकाना न था। वह आठवीं कक्षा की परीक्षा में प्रथम आया था। खेल कूद में भी उसे कई पुरस्कार मिले थे। स्कूल के हेडमास्टर साहब सक्सेना जी ने, पूरे स्कूल के सामने संजय की प्रशंसा की थी। पुरस्कार हाथ में लिए संजय सोच रहा था कि जब वह घर जाकर अपनी सफलता के बारे में अपने पिता जी को बताएगा तब वे कितने खुश होंगे।

14Oct2020

Diwali Hindi Story for Kids: सुबह-सुबह हम अपनी बैठक में बैठे अखबार पढ़ रहे थे कि हमारे कानों में चर्चा ज्ञान का तकियाक्लाम सुनायी पड़ा- ‘अमां किसकी बनी रही है, किसकी बनी रहेगी।

21Sep2020

एक समय की बात है एक चालाक राजा था जिसका दिल और दिमाग दुनिया के बाकी देशों को हासिल करने, लोगों को डराने में लगा रहता था। उसने दूसरे देशों को आग और तलवार से नष्ट किया था और उसके सैनिकों ने खेतों में जाकर किसानों की झोपड़ियों को आग लगा दिया था।

3Sep2020

चंपक वन में भोलू खरगोश रहता था। वह बहुत ईमानदार था। खेती करके गुजारा करता था। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक थी। जितना मिल जाता उसी में गुजर-बसर कर लेता था।

3Sep2020

सरजू और मुरारी पड़ोसी किसान थे। दोनों अपने अपने खेत में फसल उगाते और सुखपूर्वक रहते। एक हद तक वे एक दूसरे के दुख-सुख के साथी भी थे। खाली समय में वे अक्सर पेड़ की छाया में बैठकर बाते करते थे। और सलाह-मशवरा करते।