अपना सा मुँह लेकर रह जाना कहानी | घमंड का परिणाम

Feb 17, 2026, 01:36 PM

घमंड का परिणाम

यह कहानी एक घमंडी राजा विक्रम सिंह और एक बुद्धिमान लकड़हारे के बेटे अमन की है, जो हमें घमंड के बुरे परिणामों के बारे में सिखाती है।

घमंड का परिणाम

राजा विक्रम सिंह अपने धन, महल और ज्ञान पर अत्यधिक घमंड करते थे और दरबार में लोगों को अपमानित करने में आनंद लेते थे।

घमंड का परिणाम

एक दिन राजा ने दरबार में एक मुश्किल पहेली प्रस्तुत की और उसे हल करने वाले को 100 सोने के सिक्के देने की घोषणा की, लेकिन कोई दरबारी उसका उत्तर नहीं दे सका।

घमंड का परिणाम

अमन, जो एक गरीब लकड़हारे का बेटा था और पहेलियाँ हल करने में माहिर था, ने राजा की चुनौती स्वीकार की।

घमंड का परिणाम

राजा ने घमंड में अमन का अपमान किया, लेकिन अमन ने धैर्यपूर्वक पहेली का सही उत्तर देकर सबको चौंका दिया।

घमंड का परिणाम

अमन की बुद्धिमता ने दरबार में सबको प्रभावित किया और राजा विक्रम सिंह को शर्मिंदा किया, जिससे उनका घमंड टूट गया।

घमंड का परिणाम

राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने अमन को 100 सोने के सिक्के दिए, यह मानते हुए कि ज्ञान धन या पदवी से नहीं मापा जा सकता।

घमंड का परिणाम

कहानी का नैतिक संदेश है कि हमें अपने ज्ञान, धन या पदवी पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि घमंड का परिणाम हमेशा शर्मिंदगी होता है।

घमंड का परिणाम

विनम्रता और दूसरों का सम्मान करना महत्वपूर्ण है,

घमंड का परिणाम

क्योंकि यही सच्ची बुद्धिमानी और समझदारी का प्रतीक है।