जंगल कहानी : अपनों की रक्षा | Jungle Story in Hindi

Feb 17, 2026, 12:24 PM

अपनों की रक्षा

यह कहानी वीर हिरण और गौरी की है, जिन्होंने अपने बच्चे चिंटू को एक खूंखार तेंदुए से बचाने के लिए अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल किया।

अपनों की रक्षा

जंगल के कानून के अनुसार ताकतवर ही बचता है, लेकिन इस कहानी में परिवार का प्यार और समझदारी ने बड़ी ताकत को मात दी।

अपनों की रक्षा

चिंटू खेलते-खेलते झुंड से दूर हो गया और तेंदुआ कालिया उसकी ओर बढ़ने लगा, जिससे चिंटू की जान खतरे में पड़ गई।

अपनों की रक्षा

वीर और गौरी ने तेंदुए से सीधे लड़ने के बजाय एक योजना बनाई। गौरी ने तेंदुए का ध्यान भटकाने के लिए घायल होने का नाटक किया।

अपनों की रक्षा

जैसे ही कालिया का ध्यान गौरी पर गया, वीर ने तेंदुए पर हमला कर दिया, जिससे कालिया का संतुलन बिगड़ गया।

अपनों की रक्षा

इस बीच, चिंटू ने खुले मैदान की ओर भागना शुरू कर दिया, क्योंकि हिरण खुले मैदान में तेंदुए से तेज दौड़ सकते हैं।

अपनों की रक्षा

अंततः तीनों अपने झुंड के पास पहुंच गए, जहां सौ से ज्यादा हिरणों के सींग तेंदुए का इंतजार कर रहे थे,

अपनों की रक्षा

और कालिया को पीछे हटना पड़ा।

अपनों की रक्षा

कहानी हमें सिखाती है कि मुसीबत के समय केवल बल नहीं, बल्कि बुद्धि की भी जरूरत होती है।

अपनों की रक्षा

परिवार का एकजुट होना बड़ी से बड़ी मुश्किल को हल कर सकता है।