चालाक बगुला और समझदार मछली | Jungle Story in Hindi

Feb 07, 2026, 10:44 AM

चालाक बगुला और समझदार मछली

कहानी "चालाक बगुला और समझदार मछली" नीलगिरि के जंगलों के एक तालाब 'नील सरोवर' की है, जहाँ मछलियाँ और अन्य जलीय जीव सुख-शांति से रहते थे।

चालाक बगुला और समझदार मछली

बग्गू नाम का एक बूढ़ा और चालाक बगुला, जो अपनी फुर्ती खो चुका था, मछलियों को धोखा देने के लिए एक 'साधु' का रूप धारण करता है और मीठी बातों से उन्हें बहलाने की कोशिश करता है।

चालाक बगुला और समझदार मछली

बग्गू ने मछलियों को डराने के लिए एक झूठा सपना सुनाया कि तालाब सूख जाएगा और उन्हें एक सुरक्षित झील में ले जाने का प्रस्ताव दिया, जिससे मछलियाँ उसकी बातों में आ गईं।

चालाक बगुला और समझदार मछली

हर दिन वह एक मछली को अपनी पीठ पर बिठाकर लेकर जाता और पहाड़ी की चट्टान पर ले जाकर उसे खा जाता, जिससे वह मोटा और तंदुरुस्त हो गया।

चालाक बगुला और समझदार मछली

मीनू नाम की एक बुद्धिमान मछली को बग्गू की बातों पर संदेह हुआ और उसने खुद को उस झील तक पहुँचाने के लिए कहा, ताकि वह सच्चाई जान सके।

चालाक बगुला और समझदार मछली

मीनू ने देखा कि वहाँ कोई झील नहीं है, बल्कि मछलियों की हड्डियाँ बिखरी पड़ी हैं। उसने बग्गू की चाल को समझते हुए अपनी बुद्धि से उसे हराया।

चालाक बगुला और समझदार मछली

मीनू ने अपनी पूंछ से बग्गू की गर्दन को कसकर पकड़ लिया और उसे संतुलन खोने पर मजबूर कर दिया, जिससे बग्गू पहाड़ी से गिर गया।

चालाक बगुला और समझदार मछली

मीनू ने तालाब में वापस आकर सबको सच्चाई बताई, जिससे मछलियाँ समझ गईं कि बग्गू उन्हें धोखा दे रहा था।

चालाक बगुला और समझदार मछली

कहानी से यह सीख मिलती है कि संकट के समय घबराने के बजाय अपनी बुद्धि और तर्क का इस्तेमाल करना चाहिए

चालाक बगुला और समझदार मछली

और अनजान व्यक्ति पर आँख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए।