सच्चे दोस्त और एकता: चार मित्रों की प्रेरणादायक कहानी

Feb 12, 2026, 10:40 AM

सच्चे दोस्त और एकता

यह कहानी चार दोस्तों की है - गौरी (हिरण), कालू (कौवा), मुषक (चूहा), और मंथरा (कछुआ), जो सुंदरवन के जंगल में रहते थे और जिनकी दोस्ती की मिसाल पूरा जंगल देता था।

सच्चे दोस्त और एकता

एक दिन गौरी हिरण शिकारी के जाल में फंस जाती है, और उसके दोस्त कालू, मुषक और मंथरा उसे बचाने के लिए एकजुट होते हैं।

सच्चे दोस्त और एकता

कालू कौवा उड़कर घटना का पता लगाता है और अपने दोस्तों को बताता है। मुषक चूहा अपने पैने दांतों से जाल काटकर गौरी को आज़ाद करता है।

सच्चे दोस्त और एकता

गौरी के बचने के बाद शिकारी आता है और मंथरा कछुए को पकड़ लेता है, जिससे उसके दोस्तों को चिंता होती है।

सच्चे दोस्त और एकता

चारों दोस्तों ने मिलकर एक योजना बनाई जिसमें गौरी ने मरी हुई होने का नाटक किया, जिससे शिकारी लालच में आ गया और कछुए को छोड़कर गौरी को उठाने के लिए दौड़ा।

सच्चे दोस्त और एकता

इस बीच, मुषक चूहे ने थैले को काट दिया, जिससे मंथरा कछुआ बचकर झील में सुरक्षित पहुंच गया।

सच्चे दोस्त और एकता

शिकारी को अंत में कुछ भी हासिल नहीं होता और चारों दोस्त एक बार फिर मिलकर अपनी सूझबूझ और एकता पर खुश होते हैं।

सच्चे दोस्त और एकता

यह कहानी सिखाती है कि संगठन में शक्ति होती है और सच्चे दोस्त वही होते हैं जो मुसीबत में काम आते हैं।

सच्चे दोस्त और एकता

बुद्धिमानी और एकता से बड़ी से बड़ी मुसीबत को भी हराया जा सकता है,

सच्चे दोस्त और एकता

जैसा कि इन दोस्तों ने शिकारी को चकमा देकर दिखाया।