चतुर बीरबल की कहानी: बादशाह की मूंछ और मिठाई

Feb 12, 2026, 10:36 AM

चतुर बीरबल की कहानी

चतुर बीरबल की कहानी में बताया गया है कि मुगल बादशाह अकबर और उनके नवरत्न बीरबल के बीच की नोक-झोंक और बुद्धिमानी भरे किस्से आज भी लोगों को हँसाते हैं।

चतुर बीरबल की कहानी

एक दिन दरबार में अकबर ने एक अजीब सवाल पूछा कि अगर कोई उनकी मूंछ खींचे, तो उसे क्या सजा मिलनी चाहिए। इस पर दरबारियों ने गुस्से में कठोर सजाएं सुझाईं।

चतुर बीरबल की कहानी

बीरबल ने सबको चौंकाते हुए कहा कि मूंछ खींचने वाले को मिठाई खिलानी चाहिए। दरबारियों ने इसे मजाक समझा और बीरबल का मजाक उड़ाया।

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बीरबल ने तर्क दिया कि सिर्फ बादशाह का पोता ही बिना डर के उनकी मूंछ खींच सकता है, और उसे सजा नहीं, बल्कि प्यार मिलता है।

चतुर बीरबल की कहानी

अकबर को याद आया कि उनके पोते ने सुबह उनकी मूंछ खींची थी, जिस पर वे हँस पड़े

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और बीरबल की चतुराई की सराहना की।

चतुर बीरबल की कहानी

कहानी से यह सीख मिलती है कि हर समस्या का समाधान ठंडे दिमाग और समझदारी से करना चाहिए, न कि गुस्से में।

चतुर बीरबल की कहानी

बीरबल की हाज़िरजवाबी और बुद्धिमानी ने न केवल बादशाह का गुस्सा शांत किया

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बल्कि माहौल को भी खुशनुमा बना दिया।

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यह कहानी हमें यह भी सिखाती है कि जल्दबाजी में कोई राय नहीं बनानी चाहिए और बात की गहराई को समझना चाहिए।