चतुर तेनालीरामन : चोरों की अनोखी खेती

Jan 12, 2026, 12:23 PM

चतुर तेनालीरामन

यह कहानी चतुर तेनालीरामन की है, जो अपनी बुद्धिमानी से चोरों को सबक सिखाते हैं और अपने बागीचे की मुफ्त में सिंचाई करवा लेते हैं।

चतुर तेनालीरामन

विजयगढ़ राज्य में राजा कृष्णदेव के दरबार में प्रसिद्ध सलाहकार तेनालीरामन का एक सुंदर बागीचा था, जो भीषण गर्मी में सूख रहा था।

चतुर तेनालीरामन

एक रात, तेनालीरामन ने अपने बागीचे में हलचल देखी और समझा कि चोर आए हैं। उन्होंने चोरों को धोखा देने के लिए अपनी पत्नी से जोर से बात की, ताकि चोर सुन सकें।

चतुर तेनालीरामन

तेनालीरामन ने अपनी पत्नी से कहा कि उन्होंने सोने के सिक्कों की संदूक कुएं में छिपा दी है, जिससे चोरों ने सोचा कि वे अमीर हो जाएंगे।

चतुर तेनालीरामन

चोरों ने कुएं से पानी निकालकर संदूक निकालने की कोशिश की, जिससे तेनालीरामन के बागीचे की सिंचाई हो गई।

चतुर तेनालीरामन

जब चोरों ने संदूक खोला, तो उसमें सोने के सिक्कों की जगह पत्थर और ईंटें पाईं।

चतुर तेनालीरामन

तेनालीरामन ने चोरों की मेहनत की प्रशंसा की और राजा के सैनिकों ने उन्हें पकड़ लिया।

चतुर तेनालीरामन

इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि बुद्धि का सही उपयोग शारीरिक ताकत से अधिक प्रभावी होता है, और लालच हमेशा नुकसानदायक होता है।

चतुर तेनालीरामन

तेनालीरामन की चतुराई ने उन्हें बिना लड़ाई के जीत दिलाई, और राजा कृष्णदेव ने उनकी इस तरकीब की बहुत तारीफ की।

चतुर तेनालीरामन

कहानी हमें यह भी सिखाती है कि संकट के समय धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए।