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जंगल के राजा शेर सिंह का कीमती नवरत्न हार चोरी हो गया, जिससे पूरे जंगल में हड़कंप मच गया। शेर सिंह ने चोर को पकड़ने के लिए जासूस मोंटी बंदर को जिम्मेदारी सौंपी।
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मोंटी बंदर, जो अपनी बुद्धिमानी के लिए प्रसिद्ध था, ने जांच शुरू की और शेर सिंह की गुफा में तीन अहम सुराग पाए: अजीब पंजों के निशान, नीला पंख, और पके हुए बेर की खुशबू।
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मोंटी ने इन सुरागों के आधार पर अनुमान लगाया कि चोर एक ऐसा जानवर है जो पंजों पर चलता है और पंख भी रखता है। उसने जंगल के जानवरों से पूछताछ की और रंगा सियार और कालिया कौवे पर शक किया।
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मोंटी की जांच से पता चला कि सबसे मीठे बेर 'बेरी वाले नाले' के पास उगते थे, और वहां लल्लन लोमड़ी रहती थी। मोंटी ने लल्लन पर शक किया और उसे पकड़ने के लिए एक योजना बनाई।
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मोंटी ने पूरे जंगल में अफवाह फैलाई कि चोरी का हार पुराने बरगद के पेड़ के नीचे छुपा है, जिससे असली चोर हार को हटाने के लिए वहां आएगा।
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रात के समय, लल्लन लोमड़ी पेड़ के पास आई और खुदाई शुरू कर दी। मोंटी ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया जब उसने खुद कहा कि हार उसकी गुफा में सुरक्षित है।
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लल्लन लोमड़ी की गुफा की तलाशी लेने पर हार और नीले पंख मिले, जिससे साबित हो गया कि वह चोर है।
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शेर सिंह ने लल्लन को एक साल के लिए जंगल की सफाई की सजा दी।
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मोंटी की बुद्धिमानी और योजना से चोर पकड़ा गया, जिससे जंगल के सभी जानवर उसकी जय-जयकार करने लगे।
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कहानी से यह सीख मिलती है कि बुरे काम का अंत हमेशा बुरा होता है और बुद्धि से बड़ी कोई ताकत नहीं होती।
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