Funny Story for Kids: चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

Jan 14, 2026, 12:45 PM

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

कहानी चंपक लाल नामक एक कंजूस दूधवाले की है जो गोलमाल नगर में रहता है और अपने पतले दूध को गाढ़ा बनाने के लिए एक सीक्रेट फॉर्मूला खरीदता है।

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

प्रोफेसर झोल नामक एक पागल वैज्ञानिक से चंपक को 'सुपर-क्रीमी फॉर्मूला 420' मिलता है, जो दूध को गाढ़ा और स्वादिष्ट बना सकता है। प्रोफेसर ने चंपक को चेतावनी दी थी कि फॉर्मूला की केवल दो बूंद ही उपयोग करें।

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

चंपक की पत्नी, चमेली देवी, फॉर्मूला की पूरी शीशी दूध में डाल देती हैं, जिससे दूध रबड़ जैसी जेली में बदल जाता है और उछलने लगता है।

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

फूड इंस्पेक्टर जासूस जलेबी के आने पर चंपक के दूध का गोला उछलकर एक हास्यास्पद तमाशा बन जाता है, जिससे सभी हंसने लगते हैं।

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

जासूस जलेबी चंपक को साइंस के दुरुपयोग के लिए जेल भेजने का फैसला लेते हैं, क्योंकि दूध का गोला रबर की तरह बर्ताव कर रहा था।

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

कहानी से यह सीख मिलती है कि लालच का शॉर्टकट अपनाने से नुकसान हो सकता है

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

और अधूरी जानकारी का दुरुपयोग खतरनाक हो सकता है।

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

चंपक की कहानी यह संदेश देती है कि ईमानदारी से काम करना ही सबसे अच्छा है और लालच से दूर रहना चाहिए।

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

कहानी में हास्य और सीख का बेहतरीन संगम है,

चंपक लाल और उछलता हुआ दूध

जो बच्चों के लिए मनोरंजन और नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।