मेहनत और किस्मत: गीता और जादुई सिक्के का रहस्य - हिंदी कहानी

Feb 11, 2026, 11:01 AM

मेहनत और किस्मत

गीता, एक प्यारी बच्ची, रामपुर शहर में रहती थी और किस्मत पर अधिक भरोसा करती थी। वह मेहनत की तुलना में भाग्य को अधिक महत्व देती थी, जिससे उसे सफलता नहीं मिलती थी।

मेहनत और किस्मत

एक दिन गीता को एक चमकता हुआ पुराना तांबे का सिक्का मिला, जिसे उसने जादुई समझ लिया। उसे लगा कि अब उसे किसी भी चीज़ के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।

मेहनत और किस्मत

गीता ने गणित की परीक्षा की तैयारी नहीं की, क्योंकि उसे विश्वास था कि जादुई सिक्का उसे मदद करेगा। लेकिन परीक्षा कठिन आई और वह अच्छे अंक नहीं ला सकी।

मेहनत और किस्मत

उसकी दादी ने उसे समझाया कि असली जादू मेहनत और लगन में होता है, न कि किसी जादुई सिक्के में। उन्होंने एक प्रेरणादायक कहानी सुनाई जिससे गीता को समझ आया कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है।

मेहनत और किस्मत

गीता ने इस बात को अपने जीवन में लागू किया और पेंटिंग प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत की। उसने अभ्यास किया और अंत में प्रथम पुरस्कार जीता।

मेहनत और किस्मत

गीता ने समझा कि मेहनत और किस्मत एक-दूसरे से अलग नहीं होते। जितनी ज्यादा मेहनत होती है, किस्मत उतनी ही अच्छी होती है।

मेहनत और किस्मत

इस कहानी से यह सीख मिलती है कि कर्म ही पूजा है

मेहनत और किस्मत

और बिना मेहनत के केवल भाग्य के भरोसे बैठने से असफलता ही मिलती है।

मेहनत और किस्मत

आत्मविश्वास मेहनत से आता है, और यह किसी भी 'बैड लक' को हरा सकता है।

मेहनत और किस्मत

असली जादू हमारी कड़ी मेहनत और लगन में ही है।