गोरिल्ला की अग्नि परीक्षा: सच्चा रक्षक कौन?

Jan 28, 2026, 11:07 AM

गोरिल्ला की अग्नि परीक्षा

यह कहानी गोरिल्ला गजराज की है, जो जंगल में 'सिल्वरबैक' के रूप में अपने परिवार का नेता था, और स्वभाव से शांत था लेकिन ताकतवर था।

गोरिल्ला की अग्नि परीक्षा

गजराज के शांत स्वभाव के कारण जंगल के छोटे जानवर उससे डरते थे, और बंदरों का राजा मंकू उसका मजाक उड़ाता था, उसे जंगल का 'बोझ' कहता था।

गोरिल्ला की अग्नि परीक्षा

एक दिन जंगल में आग लग गई, और सभी जानवर डर के मारे भागने लगे। आग से बचने का रास्ता एक विशाल सूखा पेड़ गिरने के कारण बंद हो गया।

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छोटे जानवर पेड़ पार नहीं कर सकते थे, जबकि मंकू बंदर आसानी से कूदकर जा सकता था। वह निराश होकर चिल्लाने लगा कि सभी खत्म हो जाएगा।

गोरिल्ला की अग्नि परीक्षा

गजराज ने देखा कि छोटे जानवर फंसे हुए हैं। उसने अपनी ताकत का उपयोग करते हुए जलते हुए पेड़ के तने को उठा लिया, ताकि जानवर सुरक्षित निकल सकें।

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जानवरों ने गजराज के इस साहसिक कार्य की सराहना की और वे सुरक्षित नदी के पार चले गए। मंकू ने भी गजराज के प्रति सम्मान प्रकट किया।

गोरिल्ला की अग्नि परीक्षा

गजराज ने साबित कर दिया कि सच्ची ताकत दूसरों की रक्षा करने में होती है,

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न कि डराने में। उसके बाद से जंगल में सभी जानवर उसकी इज्जत करने लगे।

गोरिल्ला की अग्नि परीक्षा

यह कहानी सिखाती है कि असली ताकतवर वही है जो मुसीबत के समय दूसरों की मदद करता है और अपने से छोटे लोगों के लिए झुकना जानता है।

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गोरिल्ला की पारिवारिक और समझदार प्रकृति को दर्शाने वाली यह कहानी बच्चों को नैतिक शिक्षा भी देती है कि सच्चा नायक कौन होता है।