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आकाशगंगा, जिसे अंग्रेज़ी में Milky Way कहते हैं, एक विशाल गैलेक्सी है जिसमें हमारी पृथ्वी, सूरज और सौर मंडल शामिल हैं। इसमें अरबों तारे, ग्रह, धूल और गैस होते हैं।
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वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आकाशगंगा में 100 अरब से 400 अरब तारे हो सकते हैं। इतनी बड़ी संख्या के कारण इन्हें गिनना बहुत मुश्किल है, इसलिए "अनगिनत" कहा जाता है।
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आकाशगंगा का नाम "Milky Way" इसलिए पड़ा, क्योंकि यह प्राचीन यूनानी लोगों को दूध की तरह सफेद पट्टी जैसी दिखती थी। हिंदी में इसे "आकाशगंगा" कहते हैं, जो तारों की गंगा की तरह दिखाई देती है।
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तारों की सटीक गिनती करना कठिन है। वैज्ञानिक दूरबीनों और गणितीय मॉडल्स का उपयोग कर तारों की संख्या का अनुमान लगाते हैं।
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आकाशगंगा का व्यास लगभग 1,00,000 प्रकाश वर्ष है। इतनी बड़ी दूरी में अरबों तारे फैले हुए हैं, जिनमें से हर तारा अपने आप में एक छोटा सूरज हो सकता है।
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आकाशगंगा के केंद्र में सैजिटेरियस A नामक एक विशाल ब्लैक होल है, जिसका वजन सूरज से 40 लाख गुना अधिक है।
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आकाशगंगा में कुछ तारे ब्रह्मांड की शुरुआत के समय से मौजूद हैं, जिनकी उम्र 13 अरब साल से भी अधिक हो सकती है।
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हर साल आकाशगंगा में लगभग 1 से 2 नए तारे जन्म लेते हैं, जो धूल और गैस के बादलों से बनते हैं।
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आकाशगंगा की सबसे नज़दीकी गैलेक्सी एंड्रोमेडा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि लगभग 4 अरब साल बाद ये दोनों गैलेक्सी टकराएँगी और एक नई गैलेक्सी का निर्माण करेंगी।
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इस लेख में प्रस्तुत मज़ेदार तथ्य बच्चों और बड़ों को ब्रह्मांड के रहस्यों के बारे में उत्साहित और प्रेरित करते हैं।
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