ईमानदारी की जीत: लालची वैद्य और अकलमंद राजा

Mar 02, 2026, 11:54 AM

ईमानदारी की जीत

'कनकवन' जंगल में एक रहस्यमयी बीमारी फैल जाती है, जिससे जानवरों को हफ्तों तक उठने में दिक्कत होती है, और जंगल में उदासी छा जाती है।

ईमानदारी की जीत

राजा विकराल सिंह ने जंगल में अस्पताल बनाने का निर्णय लिया, जिसका आधा खर्च शाही खजाने से और बाकी चंदे से इकट्ठा किया गया।

ईमानदारी की जीत

अस्पताल में दो मशहूर डॉक्टर, मंगल और दंगल, को बुलाया गया। शुरुआत में दोनों ने मेहनत से काम किया और बीमारी पर काबू पा लिया।

ईमानदारी की जीत

धीरे-धीरे डॉक्टर दंगल के मन में लालच आ गया और उसने अस्पताल की दवाइयों को चोरी करके महंगे दामों पर बेचने का व्यापार शुरू कर दिया।

ईमानदारी की जीत

डॉक्टर मंगल ने दंगल को समझाने की कोशिश की, लेकिन दंगल ने चोरी जारी रखी, जिससे जंगल के जानवरों को शक हुआ।

ईमानदारी की जीत

गजराज हाथी और अन्य जानवरों ने राजा विकराल सिंह से शिकायत की। राजा ने मैना पक्षी को जासूसी का काम सौंपा, जिसने दंगल की चोरी पकड़ ली।

ईमानदारी की जीत

राजा ने एक योजना बनाई और दूसरे जंगल में बीमार राजा के भेष में जाकर दंगल को रंगे हाथों पकड़ा।

ईमानदारी की जीत

दंगल को जंगल से बाहर निकाल दिया गया और उसकी सारी संपत्ति जब्त करके अस्पताल के खजाने में जमा कर दी गई।

ईमानदारी की जीत

डॉक्टर मंगल की सच्चाई और सेवा के लिए उन्हें जंगल का मुख्य राज-वैद्य बना दिया गया।

ईमानदारी की जीत

कहानी से यह सीख मिलती है कि लालच का अंत विनाशकारी होता है और ईमानदारी की हमेशा जीत होती है।