कबूतर का जोड़ा और शिकारी: एकता की शक्ति कहानी

Jan 28, 2026, 11:26 AM

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

'कबूतर का जोड़ा और शिकारी' कहानी हिमालय की तलहटी में बसे 'चंदन वन' की है, जहां कबूतरों का एक झुंड रहता था। इस झुंड के मुखिया 'गगन' और उनकी जीवनसंगिनी 'महक' थे।

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

एक दिन कबूतरों का झुंड दाना चुगने के लिए उड़ता है और एक सुनसान मैदान में बिखरे अनाज के दानों को देखकर लालच में आ जाता है, जबकि गगन उन्हें सतर्क रहने को कहता है।

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

गगन की चेतावनी के बावजूद, कबूतर दाना खाने के लिए नीचे उतरते हैं और शिकारी द्वारा बिछाए गए जाल में फंस जाते हैं।

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

शिकारी 'भैरव' कबूतरों को पकड़ने के लिए आता है, लेकिन गगन की सूझबूझ और नेतृत्व में कबूतर एक साथ जाल के साथ उड़ जाते हैं।

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

कबूतरों की सामूहिक ताकत देख शिकारी हक्का-बक्का रह जाता है और उन्हें पकड़ने में असफल रहता है।

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

थकान के बावजूद, गगन कबूतरों को अपने पुराने मित्र 'चुटकु' चूहे के पास ले जाता है, जो अपने तीखे दांतों से जाल काटकर उन्हें मुक्त करता है।

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

गगन अपने परिवार और साथियों की सुरक्षा पहले सुनिश्चित कराता है

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

और अंत में खुद को मुक्त करवाता है, जिससे उसकी नेतृत्व क्षमता और निस्वार्थता प्रकट होती है।

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

कहानी से यह सीख मिलती है कि एकता में अपार शक्ति होती है

कबूतर का जोड़ा और शिकारी

और संकट के समय सूझबूझ और सामूहिक प्रयास ही सफलता की कुंजी है।