मंकू की भूल: एहसान का बदला धोखा | Panchtantra Story

Feb 03, 2026, 10:23 AM

मंकू की भूल

मंकू नामक बंदर की कहानी 'कोई नहीं है अपना' पंचतंत्र की एक शिक्षाप्रद कथा है, जो यह सिखाती है कि मुसीबत में किए गए अच्छे कार्य कभी-कभी खतरनाक साबित हो सकते हैं।

मंकू की भूल

कहानी विशालाक्षी वन में रहने वाले दयालु मंकू बंदर की है, जो एक दिन एक पत्थर के नीचे दबे कालिया नामक काले नाग की मदद करता है।

मंकू की भूल

मंकू की माँ ने उसे हमेशा समझाया था कि दया करना अच्छी बात है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि मदद पाने वाला व्यक्ति इसके लायक है या नहीं।

मंकू की भूल

नाग कालिया ने मंकू से वादा किया कि वह उसे कभी नहीं डसेगा,

मंकू की भूल

लेकिन मंकू की मदद के बाद उसने अपनी फितरत दिखाते हुए मंकू पर हमला करने की कोशिश की।

मंकू की भूल

मंकू ने चालाक लोमड़ी की मदद से नाग को फिर से पत्थर के नीचे दबा दिया, जिससे मंकू की जान बच गई।

मंकू की भूल

कहानी का मुख्य संदेश यह है कि दुष्ट व्यक्ति का स्वभाव कभी नहीं बदलता, चाहे उसके साथ कितना भी अच्छा व्यवहार क्यों न किया जाए।

मंकू की भूल

इस कहानी से यह भी सीख मिलती है कि शारीरिक ताकत से अधिक महत्वपूर्ण बुद्धि होती है, जो बड़ी से बड़ी मुसीबत से निकाल सकती है।

मंकू की भूल

अंत में, मंकू ने इस अनुभव से सीखा कि आँख मूंदकर भरोसा करना मूर्खता है और अपनी सुरक्षा अपने हाथ में ही होती है।

मंकू की भूल

कहानी पंचतंत्र की अन्य कहानियों की तरह नैतिकता और बुद्धिमानी का पाठ पढ़ाती है, जो बच्चों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है।