Moral Story for Kids: चिंकी की समझदारी और अहंकार की हार

Jan 14, 2026, 12:34 PM

समझदारी और अहंकार की हार

सुंदरपुर गांव की कहानी में चिंकी, एक गरीब किसान की समझदार बेटी है, जिसने अपनी बुद्धिमानी से एक अहंकारी जमींदार से निपटा।

समझदारी और अहंकार की हार

जमींदार सेठ धनीराम ने गरीब किसानों का शोषण किया, लेकिन चिंकी ने अपनी सूझबूझ से उसके लालच को हर बार मात दी।

समझदारी और अहंकार की हार

पहली परीक्षा में, सेठ की शर्त के अनुसार, चिंकी ने मूंगफली उगाकर जमीन के नीचे की फसल हासिल की, जिससे सेठ को सिर्फ पत्ते मिले।

समझदारी और अहंकार की हार

दूसरी बार, धान की फसल उगाकर, चिंकी ने जमीन के ऊपर की फसल प्राप्त की, और सेठ को बेकार जड़ें मिलीं।

समझदारी और अहंकार की हार

अंतिम परीक्षा में, सेठ ने सबसे ऊपर और सबसे नीचे का हिस्सा मांगा, लेकिन चिंकी ने गन्ने की फसल उगाकर बीच का रसीला हिस्सा रखा।

समझदारी और अहंकार की हार

सेठ धनीराम ने चिंकी की बुद्धिमानी के आगे हार मान ली और अपनी अनुचित शर्तें वापस ले लीं।

समझदारी और अहंकार की हार

कहानी से यह सीख मिलती है कि शिक्षा और सूझबूझ से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

समझदारी और अहंकार की हार

यह कहानी इस बात को भी दर्शाती है कि लालच का अंत हमेशा निराशाजनक होता है, और सच्चाई और न्याय के रास्ते पर चलना आवश्यक है।

समझदारी और अहंकार की हार

चिंकी ने यह साबित कर दिया कि सही सोच और मेहनत से किसी भी कठिनाई का सामना किया जा सकता है।

समझदारी और अहंकार की हार

कहानी का मुख्य संदेश है कि हमारी बुद्धि हमारा सबसे बड़ा हथियार है और सही दिशा में प्रयास करने से सफलता प्राप्त की जा सकती है।