नई सदी का स्वागत: ईशान और नवपुर का नया सवेरा

Jan 17, 2026, 12:21 PM

नई सदी का स्वागत

'नई सदी का स्वागत' शीर्षक से आधारित कहानी ईशान की यात्रा पर केंद्रित है, जो एक अत्याधुनिक शहर 'नवपुर' में तकनीक और मानवीय संबंधों के संतुलन को दर्शाती है।

नई सदी का स्वागत

नवपुर, हिमालय के पास स्थित, दुनिया का सबसे हाई-टेक शहर है, जहाँ फ्लाइंग पॉड्स और रोबोटिक सहायक आम हैं, और सुरक्षा एक सेंट्रल एआई द्वारा नियंत्रित होती है।

नई सदी का स्वागत

कहानी का मुख्य पात्र, 12 वर्षीय ईशान, गैजेट्स का शौकीन है और अपने दादाजी, बाबा विश्वनाथ के साथ समय बिताता है, जो शहर के आखिरी घड़ी मैकेनिक हैं और पारंपरिक तकनीकों की अहमियत बताते हैं।

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31 दिसंबर, 2099 को, नववर्ष के जश्न के दौरान, शहर का सेंट्रल एआई सिस्टम ओवरलोड हो जाता है और पूरा शहर अंधेरे में डूब जाता है, जिससे लोग घबरा जाते हैं।

नई सदी का स्वागत

ईशान अपनी दादाजी से सीखी गई पुरानी तकनीकों का उपयोग करके शहर के मैनुअल रिले स्टेशन पर जाता है और सिस्टम को मैन्युअली रीबूट कर शहर को संकट से बचाता है।

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जब बिजली वापस आती है, लोग एक-दूसरे की मदद करने वाले लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं, और ईशान को 'सिटी हीरो' का सम्मान मिलता है।

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इस घटना के बाद, नवपुर में 'मैनुअल स्किल्स' और 'तर्कशक्ति' की कक्षाएं शुरू की जाती हैं,

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जिससे लोग तकनीक के साथ-साथ अपनी मौलिक क्षमताओं को भी महत्व देने लगते हैं।

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कहानी यह संदेश देती है कि अत्यधिक तकनीक पर निर्भरता हमें कमजोर बना सकती है

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और असली प्रगति वही है जो संकट में काम आए। हमें तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का संतुलन बनाकर रखना चाहिए।