ऊँची सोच: नन्हे मेंढक मोंटी की बड़ी उड़ान - हिंदी कहानी

Feb 13, 2026, 05:37 PM

ऊँची सोच

इस कहानी का मुख्य पात्र मोंटी नामक एक नन्हा ट्री-फ्रॉग है, जो नीलगिरी वन के एक तालाब में रहता है और हमेशा ऊँची सोच रखता है।

ऊँची सोच

मोंटी का सपना है कि वह तालाब के पास के विशाल बरगद के पेड़ की चोटी पर चढ़कर दुनिया को देखे, जबकि अन्य मेंढक उसकी इस सोच का मजाक उड़ाते हैं।

ऊँची सोच

मोंटी के दृढ़ निश्चय और साहस के बावजूद उसे कई बार पेड़ पर चढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन वह हार नहीं मानता।

ऊँची सोच

उसकी यात्रा के दौरान, मोंटी को एक हरे सांप 'कालिया' का सामना करना पड़ता है, लेकिन अपनी बुद्धिमत्ता से वह उसे चकमा देने में सफल होता है।

ऊँची सोच

अंततः मोंटी बरगद पेड़ की चोटी पर पहुँच जाता है और वहाँ से नीलगिरी जंगल की अद्भुत सुंदरता का आनंद लेता है।

ऊँची सोच

वापस लौटकर मोंटी अपने अनुभव साझा करता है और तालाब के अन्य मेंढकों को प्रेरित करता है कि दुनिया उनके तालाब से कहीं बड़ी और खूबसूरत है।

ऊँची सोच

कहानी का मुख्य संदेश है कि ऊँची सोच और दृढ़ निश्चय से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है,

ऊँची सोच

और यह कि सोच बड़ी होनी चाहिए ताकि लक्ष्य भी बड़ा हो।

ऊँची सोच

मोंटी की कहानी से यह भी सीख मिलती है कि दूसरों की नकारात्मकता से डरना नहीं चाहिए,

ऊँची सोच

बल्कि अपनी बुद्धि और साहस से आगे बढ़ना चाहिए।