राजा और तेनाली की चतुराई: एक मज़ेदार कहानी

Aug 26, 2025, 11:53 AM

राजा और तेनाली की चतुराई

यह कहानी राजा कृष्णदेव राय और तेनाली राम की चतुराई की है, जिसमें दरबारी मंगलदास ने राजा को लाल रंग का मोर दिखाकर धोखा दिया और पच्चीस हजार रुपये ऐंठे।

राजा और तेनाली की चतुराई

मंगलदास ने एक साधारण मोर को लाल रंग से रंगवाकर उसे दुर्लभ बताकर राजदरबार में प्रस्तुत किया, जिससे राजा प्रभावित हो गए और उसे पुरस्कृत किया।

राजा और तेनाली की चतुराई

तेनाली राम ने मामले की सच्चाई जानने के लिए जासूसी की और रंग विशेषज्ञ का पता लगाया, जिसने मोर को रंगा था।

राजा और तेनाली की चतुराई

तेनाली ने चार बेहतर लाल मोर बनवाकर दरबार में प्रस्तुत किए, जिससे राजा को मंगलदास की चाल का पता चला।

राजा और तेनाली की चतुराई

राजा ने मंगलदास को धोखाधड़ी के लिए दंडित किया, उससे पच्चीस हजार रुपये वापस लिए और उसे जुर्माना भी लगाया।

राजा और तेनाली की चतुराई

चित्रकार को उसकी कला के लिए उचित सम्मान और पुरस्कार दिया गया।

राजा और तेनाली की चतुराई

इस घटना ने दरबारियों को सबक सिखाया कि चालाकी से मिली सफलता अस्थायी होती है,

राजा और तेनाली की चतुराई

जबकि सच्चाई और मेहनत दीर्घकालिक सम्मान दिलाती हैं।

राजा और तेनाली की चतुराई

कहानी का मुख्य संदेश यह है कि ईमानदारी और बुद्धिमानी ही असली संपदा है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है।