Sangati ka Prabhav: दो तोतों की कहानी जो आपकी सोच बदल देगी (Hindi Jungle Story)

Feb 04, 2026, 10:52 AM

संगति का प्रभाव

यह कहानी "संगति का प्रभाव" विषय पर आधारित है, जिसमें दो तोतों की कहानी बताई गई है जो अलग-अलग वातावरण में पलकर बिल्कुल अलग स्वभाव के बन गए।

संगति का प्रभाव

सुंदरवन के जंगल में एक तूफान के कारण दो तोते भाई एक-दूसरे से बिछड़ जाते हैं। बड़ा भाई डाकुओं के इलाके में और छोटा भाई एक ऋषि के आश्रम में पहुंचता है।

संगति का प्रभाव

समय के साथ, बड़ा तोता डाकुओं की भाषा और व्यवहार सीख जाता है, जबकि छोटा तोता आश्रम के शांतिपूर्ण और विनम्र वातावरण में ढल जाता है।

संगति का प्रभाव

कहानी में राजा प्रताप सिंह का आगमन होता है, जो शिकार करते समय अपने सैनिकों से बिछड़ जाते हैं और पहले डाकुओं के इलाके में पहुंचते हैं।

संगति का प्रभाव

डाकुओं के इलाके में पहुंचकर राजा को बड़े तोते की कर्कश आवाज सुनाई देती है, जो डाकुओं की तरह बात करता है, जिससे वे वहां से भाग जाते हैं।

संगति का प्रभाव

इसके बाद, राजा ऋषि के आश्रम में पहुंचते हैं, जहां छोटे तोते की मधुर आवाज सुनकर वे आश्चर्यचकित हो जाते हैं।

संगति का प्रभाव

ऋषि राजा को समझाते हैं कि यह सब संगति का प्रभाव है,

संगति का प्रभाव

जहां एक तोता डाकुओं के बीच रहकर उनकी भाषा सीख गया और दूसरा आश्रम में रहकर विनम्र बन गया।

संगति का प्रभाव

कहानी यह सिखाती है कि संगति का प्रभाव हमारे व्यवहार और सोच पर गहरा असर डालता है,

संगति का प्रभाव

इसलिए हमें अच्छे दोस्तों और सकारात्मक वातावरण में रहना चाहिए।