Read Full Story
'कुसुमवन' नामक जंगल में एक क्रूर शेर, भस्मासुर, के आतंक के कारण सभी जानवर भयभीत थे। वह बिना वजह कई जानवरों का शिकार करता था, जिससे जंगल में दहशत का माहौल था।
Read Full Story
जंगल के जानवरों ने भस्मासुर से बचने के लिए एक महा-पंचायत बुलाई और यह फैसला लिया कि रोज़ एक जानवर स्वेच्छा से शेर के भोजन के लिए जाएगा, ताकि बाकी जानवर सुरक्षित रहें।
Read Full Story
एक दिन चीकू नामक चतुर खरगोश की बारी आई। उसने अपनी बुद्धिमानी का उपयोग करके शेर को धोखा देने की योजना बनाई, ताकि भस्मासुर का अंत हो सके।
Read Full Story
चीकू ने जानबूझकर शेर की गुफा में पहुंचने में देरी की और एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि जंगल में एक और शेर है जिसने उसके साथियों को खा लिया और भस्मासुर को चुनौती दी है।
Read Full Story
भस्मासुर अपने अहंकार के चलते चीकू की बातों में आ गया और चीकू के साथ उस स्थान पर गया जहाँ एक गहरा कुआं था।
Read Full Story
चीकू ने भस्मासुर को कुएं में झांकने के लिए प्रेरित किया, जहां शेर ने अपनी ही परछाई देखी और उसे दूसरा शेर समझ लिया।
Read Full Story
गुस्से में भस्मासुर ने बिना सोचे-समझे कुएं में छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। यह चीकू की योजना का सफल अंत था।
Read Full Story
भस्मासुर के अंत के बाद, कुसुमवन के जानवरों ने चीकू की बुद्धिमानी और साहस की प्रशंसा की
Read Full Story
और पूरे जंगल में जश्न मनाया। सभी जानवर अब बिना डर के स्वतंत्रता से रहने लगे।
Read Full Story
कहानी से यह सीख मिलती है कि बुद्धि बल से श्रेष्ठ होती है और अहंकार पतन का कारण बनता है
Read Full Story