छुपे चोर का पर्दाफाश: नन्हे जासूसों का कमाल

'छुपे चोर का पर्दाफाश' एक मजेदार जासूसी कहानी है जिसमें सुंदरनगर की मिठाई की दुकान से मिठाइयाँ गायब होने का रहस्य सुलझाया गया है।

लाला गेंदालाल की मिठाई की दुकान से रात में लड्डू गायब हो जाते थे, जबकि ताले और खिड़कियाँ सही सलामत होती थीं, जिससे लोग डरने लगे थे कि यह किसी भूत का काम है।

आर्यन और श्रेया, जो खुद को 'नन्हे जासूस' कहते थे, ने इस रहस्य को सुलझाने की ठानी और दुकान की बारीकी से जाँच की।

श्रेया ने दुकान के फर्श पर चीनी के दाने देखे जो गोदाम की ओर इशारा कर रहे थे, जिससे उन्हें सुराग मिला।

रात में पहरा देते हुए, आर्यन और श्रेया ने देखा कि एक बंदर रस्सी के सहारे रोशनदान से उतरकर मिठाई चुरा रहा था।

यह बंदर पास के मदारी का था, जिसे चोरी करना सिखाया गया था, और वह मिठाइयाँ चुराकर मदारी के पास लौट आता था।

पुलिस ने मदारी को गिरफ्तार कर लिया, और लाला गेंदालाल ने आर्यन और श्रेया को 'सुंदरनगर के बेस्ट जासूस' का खिताब और ढेर सारी मिठाइयाँ दीं।

कहानी से यह सीख मिलती है कि अंधविश्वास से बचकर सूझबूझ और बुद्धि से समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है।

कहानी बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सूझबूझ और सतर्कता की सीख भी देती है।