चतुर नेवला और कोबरा: जंगल की रोमांचक कहानी

यह कहानी सुंदरवन के घने जंगल की है, जहाँ एक चतुर नेवला मोंटू और खतरनाक कोबरा कालिया के बीच एक रोमांचक मुकाबला होता है।

मोंटू एक फुर्तीला और समझदार नेवला है जो अपने इलाके का रक्षक है और खतरे को पहले ही भांप लेता है।

जंगल के दूसरे छोर पर कालिया कोबरा, जो अपने ताकत और ज़हर पर घमंड करता है, शिकार की तलाश में बरगद के पेड़ के पास आता है जहाँ बुलबुल के नन्हे बच्चे रहते हैं।

बुलबुल की अनुपस्थिति में, कोबरा बच्चों पर हमला करने की कोशिश करता है, लेकिन मोंटू समय पर वहाँ पहुँचकर कोबरा को चुनौती देता है।

मोंटू की फुर्ती और समझदारी के कारण कोबरा के सभी हमले असफल हो जाते हैं, और अंत में मोंटू कोबरा को जकड़कर उसे हरा देता है।

कोबरा की हार के बाद जंगल के सभी जानवर मोंटू की बहादुरी की प्रशंसा करते हैं और बुलबुल अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए मोंटू का धन्यवाद करती है।

कहानी हमें सिखाती है कि निडरता, परोपकार और बुद्धि का उपयोग कर कोई भी बड़ा से बड़ा दुश्मन हराया जा सकता है।

नेवला कोबरा से इसलिए जीतता है क्योंकि उसकी फुर्ती, घने बाल और ज़हर से बचाव की क्षमता उसे विशेष बनाते हैं।