Thagon Ka Jaal: गोपाल और तीन धूर्त ठग

Feb 04, 2026, 10:32 AM

'ठगों का जाल'

कहानी "ठगों का जाल" में गोपाल नामक एक समझदार किसान की कहानी है, जो अपनी चतुराई से तीन ठगों को उनकी ही चाल में फंसा देता है।

'ठगों का जाल'

गोपाल ने एक कुश्ती प्रतियोगिता में जीतकर एक हट्टा-कट्टा बकरा इनाम में जीता और उसे अपने गाँव ले जा रहा था, जब तीन ठगों की नजर उस पर पड़ी।

'ठगों का जाल'

ठगों ने गोपाल को भ्रमित करने के लिए एक योजना बनाई,

'ठगों का जाल'

जिसमें वे उसे अलग-अलग जानवर बताकर उसे डराने की कोशिश करते हैं।

'ठगों का जाल'

पहले ठग ने बकरे को कुत्ता कहा, दूसरे ने मरे हुए बछड़े की बात की, और तीसरे ने गधा बताया, जिससे गोपाल भ्रमित हो गया।

'ठगों का जाल'

गोपाल ने अपने तर्क का इस्तेमाल करके समझा कि यह जानवर कोई भूतिया जानवर नहीं है, बल्कि ठग ही उसे धोखा दे रहे हैं।

'ठगों का जाल'

अपनी बुद्धिमत्ता का प्रयोग करके, गोपाल ने ठगों को अपने ही जाल में फंसा दिया और उन्हें डराकर भगा दिया।

'ठगों का जाल'

कहानी का निष्कर्ष यह है कि आत्मविश्वास और तर्क का प्रयोग करके कोई भी ठगों के जाल से बच सकता है।

'ठगों का जाल'

यह कहानी हमें सिखाती है कि दूसरों की बातों में आकर अपनी समझ पर शक नहीं करना चाहिए

'ठगों का जाल'

और स्थिति को तर्क के साथ समझना चाहिए।