इसरो ने सफलता पूर्वक गगन यान के बूस्टर्स का स्टैटिक फायर टेस्ट किया

इसरो ने पिछले दिनों भारत के गगन यान मिशन को शक्ति प्रदान करने वाले रॉकेट का सफ़लता पूर्वक परिक्षण कर लिया। इसरो ने इस बूस्टर का एक स्थिर अग्नि परिक्षण किया जो गगन यान मिशन को  ग्राउंड से लिफ्ट ऑफ कर सकता है। भारतीय अंतरिक्ष और अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पिछले सोमवार को बूस्टर का एक स्टैटिक फायर टेस्ट सफ़लता के साथ सम्पूर्ण किया जो भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री मिशन गगन यान को बल देगा।

परिक्षण के समय सॉलिड रॉकेट बूस्टर HS200 को आंध्र प्रदेश के श्री हरि कोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर में सुबह सात बजे दागा गया था। यह HS 200 रॉकेट बूस्टर, GSLV Mk III उपग्रह प्रक्षेपण यान के सफ़ल तरीके से सिद्ध हो चुके, S 200 रॉकेट बूस्टर का ह्यूमन रेटेड वर्शन है जिसे LVM 3 भी कहा जाता है। इस सफ़लता पर इसरो ने अपने स्टेटमेंट में बताया कि इस परीक्षण की सफ़लता इसरो के प्रेस्टीजियस ह्यूमन अंतरिक्ष उड़ान मिशन गगन यान  के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

HS 200 बूस्टर का डिज़ाइन और डेवलपमेंट विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) तिरुवनंतपुरम में सम्पूर्ण किया गया था और प्रोपेलेंट कास्टिंग, एसडीएससी तिरुवनंतपुरम में पूरा किया गया। इसरो का कहना है कि गगन यान को लॉन्च करने के लिए, एलवीएम 3 के प्रयोग का फैसला दरअसल चंद्रयान मिशन के दौरान ही, इसके सफ़ल लॉन्च के आधार पर किया गया था। मानव युक्त इस मिशन को लॉन्च करने के लिए वाहन में बहुत से सुधार और बदलाव करना पड़ा जिसमें सभी प्रणालियों की सुरक्षा और भरोसा बढ़ाने के लिए उसके डिजाईन में कई अन्य बदलाव की तरह, S200, बूस्टर  में भी लागू किया गया जिससे इसके अलग अलग कई सिस्टम में अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएं शामिल है।

यह बूस्टर दुनिया के सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रो मैकेनिकल  एक्ट्यूएटर्स में से एक को, कई अतिरेक सुविधाओं के साथ तैयार करता है। इस स्टेटिक फायर टेस्ट में, HS200 बूस्टर, जो 203 टन के सॉलि़ड प्रोपेलेंट से लोडेड था, जो 135 सेकंड के लिए टेस्ट किया गया। वैज्ञानिकों ने  लगभग 700 पैरामीटर मापने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि इसके सारे सिस्टम के सारे परफॉर्मेंस एकदम नॉर्मल है।

– सुलेना मजुमदार अरोरा