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दिलचस्प स्कूली जोक्स

दिलचस्प स्कूली जोक्स- स्कूल की यादें हम सबके दिल में एक खास जगह रखती हैं, और इन यादों को और भी यादगार बनाते हैं वो मजेदार और दिलचस्प चुटकुले जो बच्चों की मासूमियत

By Lotpot
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दिलचस्प स्कूली जोक्स- स्कूल की यादें हम सबके दिल में एक खास जगह रखती हैं, और इन यादों को और भी यादगार बनाते हैं वो मजेदार और दिलचस्प चुटकुले जो बच्चों की मासूमियत, उनकी चतुराई और अनोखे नजरिए को दर्शाते हैं। आज हम आपके लिए लाए हैं दो ऐसे ही लाजवाब स्कूली जोक्स – पहला जोक स्कूल की अनोखी पसंद पर है, तो दूसरा गणित और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर बच्चे की मनोरंजक सोच पर। ये चुटकुले न सिर्फ आपको हंसाएँगे, बल्कि आपके दिन को भी खुशनुमा बनाएँगे।

यहाँ पढ़ें दो बेहतरीन स्कूली हास्य वार्ताएँ:

बाहर

baccho ke jokes 1

नटखट नीटू: तू स्कूल क्यों नहीं जाता है?
यामुंडा: जाता तो हर रोज़ हूँ, लेकिन वो मुझे स्कूल से बाहर निकाल देते हैं।
नटखट नीटू: क्यों, कौन से स्कूल में जाता है?
यामुंडाकन्या पाठशाला

टन

baccho ke jokes 2


टीचर: अगर 100 किलो = 1 टन है, तो 300 का कितना टन होगा?
चेलारामटन टन टना

राष्ट्रगान 

baccho ke jokes 3

मास्टर जी: क्या सोच रहे हो?
चेलाराम: अगर राष्ट्रगान और राष्ट्रीय पशु दोनों एक साथ सामने आ जाएँ, तो खड़ा रहना चाहिए या भागना चाहिए?

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स्कूली जोक्स का महत्व और मनोरंजन
ये चुटकुले सिर्फ मजाक भर नहीं हैं, बल्कि इनमें बच्चों की तार्किक सोच, हाजिरजवाबी और रचनात्मकता झलकती है। पहले जोक में लिंग भेद और स्कूल नियमों पर एक निराले अंदाज में चुटकी है, तो दूसरे जोक में गणित का मजाकिया जवाब और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर बच्चे की उलझन दिखाई गई है। ऐसे ही हल्के-फुल्के चुटकुलों से हमारा दिन खुशनुमा बनता है और यादें ताजा हो जाती हैं।

अगर आपको भी हास्य, स्कूली किस्से या बच्चों की मासूम बातें पसंद हैं, तो ये जोक्स आपको जरूर पसंद आएँगे। इन्हें अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करके हँसी का यह सफर जारी रखें!

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