जापान क्यों है सब देशों से तीस वर्ष आगे?

जापान हालांकि क्षेत्रफल के मामले में एक छोटा सा देश है लेकिन टेक्नोलॉजी के मामले में वो बड़े से बड़े देशों से, तीस साल आगे है।

जापान के टेक्नॉलजी ने पोशाकों को लेकर एक चमत्कारिक इनोवेशन की है, वहां अब अपने कपड़ों को एक क्लिक से आप अलग अलग रंगों में बदल सकते हैं।

जापान का शिनकन्सेंन एक्सप्रेस (बुलेट ट्रेन) विश्व के सबसे आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट में से एक है, उसकी बिजली की गति वाली स्पीड, खूबसूरत कूल डिजाइन और लुक्स से दुनिया दंग है। इतनी स्पीड होने के बावजूद ट्रेन की चाल, मक्खन की तरह चिकनी और इतनी स्मूथ है कि यदि गाड़ी के अंदर कोई सिक्का खड़ा रखा जाए तो वह गिरेगा नहीं।

उनका मोनोरेल ‘ट्रैक फॉर द ट्रेन’ कॉन्सेप्ट भी बहुत चौंकाने वाला है। वो  ऊंचाई पर बने जिन पटरियों पर दौड़ती है वो एकदम सही वक्त में अपने आकार इस तेजी से बदलती है कि एक ट्रेन के पटरी से गुजरते ही वो अपना आकार बदल कर दूसरे ट्रेन के लिए अलग रास्ता बना लेती है।

उनका इनोवेटिव इंटेलिजेंट पार्किंग चेयर भी अतुलनीय है। ये एक ऐसा इंटेलिजेंट पार्किंग चेयर”है जो ऑटोमेटिक रूप से एक निर्धारित स्थिति में, बैठने वाले के इच्छानुसार अपना पोजिशन 360 डिग्री बदल सकती है।

जापान द्वारा एक और इनोवेशन, शोनन मोनोरेल ट्रेन है, जो दो लेन ऊँचे रोड पर, गालियों, बाजारों, रेसिडेंशियल, कमर्शियल एरिया के ऊपर, घुमावदार रास्तों से चलते हैं और आपको नीचे की दुनिया गाड़ी से दिखती है।

जापान में ऊंची मंजिलों पर जाने के लिए जो एलीवेटर होते हैं (लिफ्ट) उनमें टॉयलेट्स की भी व्यवस्था है ताकि यदि किसी वज़ह से लिफ्ट घंटों तक बंद हो जाए तो उसमें फँसे लोग उसे इस्तेमाल कर सके।

जापान के रेलगाड़ी में चढ़ना, उतरना बहुत सुरक्षित है क्योंकि वहाँ की रेलगाड़ियों में मेटिक डोर लगे होते है, जो रेलगाड़ी के चलने पर अपने आप बंद हो जाती है और रुकने पर खुल जाती है, इससे यात्री चलती गाड़ी में चढ़ या उतर नहीं सकता है।

जापान में जब हाइवे बनाने के लिए कोई बिल्डिंग जगह देने से इंकार करता है तो आधुनिक टेक्नोलॉजी द्वारा बिल्डिंग के निचले हिस्से से ही हाई वे बना डाला जाता है जिसे हाई वे थ्रू बिल्डिंग कहा जाता है। जापान के अन्य इनोवेशंस में एक, प्लास्टिक वेंडिंग मशीन भी है, जो हर पब्लिक प्लेस में लगी होती है, जहां आप कोई भी प्लास्टिक की बोतल, बरतन डाल कर पैसा ले सकते है और वो प्लास्टिक रीसाइकल में चला जाता है।

-सुलेना मजुमदार अरोरा