डी प्रिंटर कुछ ही पलों में पेपर से प्रिंटेड मेटेरियल गायब कर देता है

आज पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के खतरे से जूझ रहा है जिससे मौसम में भारी बदलाव होने के साथ साथ भीषण सूखा, ज़बर्दस्त बाढ़, भूकंप, कभी सुनामी और कभी अचानक नदी में जल प्रलय हो रहा है। ग्लोबल वार्मिंग का एक मुख्य कारण है जंगलों और पेड़ों की कटाई और उन्हें नष्ट करना। सभी जानते है कि पेड़ पौधे वातावरण से कार्बन सोख कर उसे शुद्ध बनाता है।

ग्लोबल वार्मिंग का एक मुख्य कारण कागज़ की लुगदी बनाने और काग़ज़ तैयार करने वाली कंपनिया भी है जंहा पेड़ों को काटने, उनकी ढुलाई करने और लुगदी बनाने की प्रक्रिया का पूरा चक्र बहुत प्रदूषणकारी है। विश्व वन्य-जीव संरक्षण के प्रबन्धक सेसिलिया अल्कोरेजा के अनुसार, “कागज़ का प्रत्येक पन्ना, विश्व पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़ कर बनाया जाता है और दुख की बात ये है कि आज डिजिटल युग में भी काग़ज़ की काफी मांग है।”

इस समस्या को सुलझाने के प्रयास में एक इजराइली व्यावसायी, आविष्कारक बराक येकुटीलय ने एक लेज़र डीप्रिंटर का निर्माण किया, जो काग़ज़ पर छपे प्रिंट को मिटा देता है। इस सर्कुलर प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक बराक येकुटीलय ने अपने इस प्रिंटर के तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ” जैसे ही इस डी-प्रिंटर में कोई प्रिंटेड कागज की शीट डाली जाती है तो ये लेज़र टेक्नॉलजी से, बिना कागज को नुकसान पहुंचाए, कुछ ही सेकंड में उन शीट्स में छपे प्रिंट के काली या रंगीन स्याही को एक जादू की तरह गायब कर देता है और काग़ज़ एकदम सफेद और कोरा हो कर निकलता है, जिससे हम कागज के पन्नों को फिर से इस्तेमाल कर सकते हैं और उसी कागज पर दस बार या उससे अधिक बार छपाई करके काग़जों के अपव्यय को रोक सकते है। ये मशीन कोई भी कागज , कोई भी स्याही और कोई भी प्रिंटर को हैंडल करने में सक्षम है है। काग़जों के भारी बचत करने वाले यह सर्कुलर प्रिंटर आगे चलकर काफी सस्ती भी होगी। अब इस डी प्रिंटर को किस तरह दुनिया के हर ऑफिस तक पंहुचाया जाय, इस पर विचार चल रहा है। इस तरह यह प्रिंटर, या कहें तो डी-प्रिंटर हमारे विश्व को ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण से बचाने में कुछ मदद करने को तैयार है।