Category "Interesting Facts"

18Aug2020

यह भव्य त्योहार हिन्दुओ के प्यारे हाथी के सिर के भगवान गणेश (Ganesh Chaturthi) के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है जो सारे दुःख दूर करके अच्छा भाग्य लाते है। महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडू, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के राज्यों में यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्योहार का मजा उठाने के लिए मुंबई शहर सबसे बढ़िया शहर है। प्रभादेवी इलाके में मौजूद सिद्धिविनायक मंदिर में खास समारोह मनाया जाता है जो भगवान् गणेश को अर्पित होता है।

12Aug2020

Janmashtami: हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार जन्माष्टमी (कृष्ण जयंती) भगवन कृष्ण का जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। श्री कृष्ण भगवन विष्णु के 8वे अवतार थे , जिन्होंने भगवत गीता में सन्देश दिया था। जो हर हिन्दू के लिए मागदर्शन है।

11Aug2020

वाघा बॉर्डर (Wagah border) सीमा भारत और पाकिस्तान के बीच में एक चैकी है। यह बीटिंग द रिट्रीट समारोह के लिए मशहूर है। इस समारोह में दोनों अंतर्राष्ट्रीय दरवाजों को बंद किया जाता है और भारत और पाकिस्तान के झंडे को झुकाया जाता है। करीब 5000 लोग वाघा बाॅर्डर पर यह देखने के लिए जाते है इसलिए यह दुनिया भर से आये लोगों के बीच काफी मशहूर है।

4Aug2020

इन्हें पढकर सच्चे गर्व की अनुभूति होती है…
मैं तिरंगा फहराकर वापस आऊंगा या फिर तिरंगे में लिपटकर आऊंगा, लेकिन मैं वापस अवश्य आऊंगा।
-कैप्टन विक्रम बत्रा, परम वीर चक्र

2Aug2020

Rakhi Festival: हिन्दू त्यौहारों का स्त्रोत हिन्दू ग्रन्थ और धर्म है। बल्कि आपको हिन्दू परम्पराओं और संस्कृति के बारे में उनके धार्मिक ग्रंथो से पता चल जायेगा। राखी की शुरूआत भी हिन्दू धर्म से ही है। हालाँकि राखी के त्यौहार के इतिहास में इसकी सही तारीख और समय तो नहीं पता लेकिन इसकी कहानियां कई है। पत्नी द्वारा अपने पति को धागा बांधने की परंपरा से शुरू हुआ यह त्यौहार अब भाई बहन का त्यौहार बन गया है।

History of Rakhi festiva

History of Rakhi festival

राखी का त्यौहार कब शुरू हुआ यह कोई नहीं जानता। लेकिन भविष्य पुराण में वर्णन मिलता है कि देव और दानवों में जब युद्ध शुरू हुआ तब दानव हावी होते नजर आने लगे। भगवान इन्द्र घबरा कर बृहस्पति के पास गये। वहां बैठी इन्द्र की पत्नी इंद्राणी सब सुन रही थी।

उन्होंने रेशम का धागा मन्त्रों की शक्ति से पवित्र करके अपने पति के हाथ पर बाँध दिया। संयोग से वह श्रावण पूर्णिमा का दिन था। लोगों का विश्वास है कि इन्द्र इस लड़ाई में इसी धागे की मन्त्र शक्ति से ही विजयी हुए थे।

उसी दिन से श्रावण पूर्णिमा के दिन यह धागा बाँधने की प्रथा चली आ रही है। यह धागा धन, शक्ति, हर्ष और विजय देने में पूरी तरह समर्थ माना जाता है। हालाँकि समय के साथ यह त्यौहार पति पत्नी के बजाये भाई बहन का त्यौहार बन गया।

और पढ़ें : ट्रेवल : अनछुई और रहस्यमयी सुंदरता की जमीन तीर्थन घाटी, एक बार तो जरूर जाएँ

कहा जाता है कि जब 326 सदी में एलेग्जेंडर ने भारत में घुसपैठ की थी, तब उनकी पत्नी ने  पोरस राजा को राखी बाँधी थी और पोरस ने उनसे वादा किया था कि वह उनकी और उनके पति की रक्षा करेंगे। हमारे सामने राखी की गांठ बांधने के और भी कई उदाहरण है, खासकर राजपुताना के इतिहास में।

उन सब में चर्चित कहानी है चितौड़ की रानी कर्णावती की, जिन्होंने मुगल राजा हुमायूँ को गुजरात के बहादुर शाह जफर से बचाने के लिए भेजी थी। पूर्णिमा के उस दिन को रक्षा बंधन के रूप में पहले मारवाड़ में और फिर पूरे राजस्थान में मनाया जाने लगा। धीरे धीरे इस त्यौहार को पूरे भारत में मनाया जाने लगा।

Like our Facebook Page : Lotpot 

28Jul2020

Educational Gk Questions
1. मुझे मेरे आक्रामक स्टाइल के लिए जाना जाता है। मेरे कभी न हारने वाले व्यवहार की वजह से लोग मुझे बेजर कहते है। कौन हूँ मैं?

एड्डी मेर्क्स

ग्रेग लेमोंड

बरनार्ड हीनाॅल्ट

लाॅरेंट फिगनों

6Jul2020

‘Apple’ कम्पनी यकीनन टेक्नोलॉजीस के इतिहास में सबसे पॉपुलर ब्रांड है और उनका वो एप्पल ‘LOGO’ भी प्रसिद्ध है। विश्व मे हर कोई किसी भी एप्पल प्रोडक्ट को, उसके ‘लोगो’ से पहचान जाता है, जो एक ताज़ा सेब है और जिसका एक हिस्सा थोड़ा सा कटा हुआ दिखता है, जैसे किसी ने उस सेब को काट खाया हो लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि ऐसा अजीब logo कम्पनी ने क्यों बनाया?

29Jun2020

Maharishi Agastya: रोटी कपड़ा और मकान की तरह हमारे जीवन में इलेक्ट्रिसिटी का महत्व भी बढ़ता जा रहा है, जरा सोचिए कि आज के जमाने में बिना बिजली हम जीवन कैसे जी सकते हैं? लेकिन घबराने की बात नहीं, बिजली हमारे जीवन में हमेशा रहेगा क्योंकि यह एक प्राकृतिक शक्ति है, जो दुनिया में मौजूद है। इसे निर्मित करने की जरूरत नहीं बल्कि आविष्कार करने की जरूरत थी जो हमारे पूर्वजों ने किया।

7Jun2020

पिंगली वेंकय्या का जन्म आंध्र प्रदेश के भातलपेनुमाररू में 2 अगस्त 1876 में हुआ था। उन्होंने 19 साल की उम्र में ब्रिटिश सेना में काम करना शुरू कर दिया था।
मचिलीपट्नम में चल्लापल्ली और हिन्दू हाई स्कूल में शुरुवाती पढ़ाई करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए कोलोंबो चले गए थे।

6Jun2020

हर साल पंद्रह अगस्त के दिन पूरा भारत केसरी, सफेद और हरे रंग से देशभक्ति की भावना का जश्न मनाता है। इस दिन को भारत में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी से जुडी कुछ दिलचस्प बातें हम आपको बताते हैः