इस बार मनायें ग्रीन दिवाली

Green Diwali : पटाखे जलाएँ मगर सावधानी से। ऐसे ही पटाखे जलाएँ जो ध्वनि प्रदूषण न करते हों और कम से कम वायु प्रदूषण करते हों।

इसका सबसे अच्छा उदाहरण है फुलझड़ी। फुलझड़ी से बिल्कुल भी ध्वनि प्रदूषण नहीं होता और वायु प्रदूषण भी कम से कम होता है। पटाखे जैसे की अनार और चकरी ध्वनि प्रदूषण तो ज्यादा नहीं करते मगर वायु को बहुत प्रदूषित करते हैं।

ग्रीन दिवाली (Green Diwali) मनाने को,अपने पड़ोसियों को भी कम से कम पटाखे जलाने के लिए राजी करें और परिवार के सदस्यों में उसका इस्तेमाल मर्यादित कर दें। दिवाली से कुछ हफ्तों पहले,आस-पास के सभी लोगों को भी साफ और ग्रीन दिवाली मनाने के लिए प्रेरित करें।

दिए और मोमबत्तियाँ

छोटे-छोटे दिए दिवाली का बहुत अहम हिस्सा हैं। ये सुन्दर तो लगते ही हैं पर साथ ही साथ प्राकृतिक को भी कोई नुकसान नहीं पहुँचाते। इसलिए ये ग्रीन दिवाली मनाने के लिए सबसे सही विकल्प हैं।

Celebrate Green Diwali this time

परिवार के साथ मिलकर रंगोली बनाएँ

इस दिवाली रंगीन चावलों से बनाएँ रंगोली। चावलों को रंगीन बनाने के लिए हल्दी,चुकन्दर आदि का प्रयोग किया जा सकता हैं। फूलों और पत्तियों से भी सुन्दर रंगोली बनायी जा सकती है।

खुशियाँ बाँटें

इस दिवाली किसी जरूरतमंद को ऐसा तोहफा देकर उसका दिन बनाएँ जिसकी उसको सबसे ज्यादा जरुरत है।

ग्रीन दिवाली (Green Diwali) में पटाखे जलाकर हम अपनी खुशियाँ जाहिर करते हैं पर ये भूल जाते हैं कि पटाखों के धुएँ और उनकी आवाजों से सबसे ज्यादा तकलीफ सड़कों पर मँडराते बेघर,आवारा पशुओं को होती है।इस दिवाली,भूखे और बेघर पशुओं को खाना दें और रहने को सुरक्षित जगह दें।

रिसाइक्लेबल वस्तुएँ खरीदें

दिवाली का त्योहार अपने साथ खुशियों के अलावा गन्दगी भी लेकर आता है।इस बार ये सुनिश्चित करें कि उनकी डंपिंग पर्यावरण के अनुकूल हो। कचरे में सूखा कचरा और गीला कचरा अलग-अलग डंप करें।और पूरी कोशिश करें कि वस्तुओं को बार बार रीसायकल कर के यूज करें।

जैसे कि दीयों को दिवाली के बाद भी पूरे साल इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे कि घर कि सुंदरता और बढ़ जाएगी और हमें थोड़े कम लाइटों का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

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