स्मार्टफोन के कितने फायदे और कितने नुकसान

आज के समय में मोबाइल फोन हर इंसान की जरूरत बन गई है। अमीर हो या गरीब, लगभग सबके पास छोटा बड़ा, सस्ता या महँगा स्मार्टफोन होता ही है। यहाँ तक कि आज के बच्चे भी इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से करते हैं। लेकिन जहां स्मार्टफोन के ढेर सारे फायदे है, वहीं इसका हमारे तन और मन पर भी बहुत दुष्परिणाम  होते है।

फायदे की बात करें तो हम इसे अपने साथ हर जगह ले जा सकते हैं तथा विश्व के लगभग किसी भी कोने से अपने प्रिय जनों से बात कर सकते हैं, मुसीबत पड़ने पर किसी भी जगह से पुलिस या मददगार को  बुला सकते हैं। साथ ही इस चलते फिरते फोन में कई तरह के ऍप्स और नेट के द्वारा हम दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले अपने परिवार, दोस्त से जुड़े रह सकते हैं, उनसे चैटिंग और विडियो, फोटो शेयरिंग कर सकते हैं।

नेट मोबाईल से हम पैसों का आदान प्रदान, पढ़ाई लिखाई, ट्यूशन  करने के साथ साथ अपने हुनर और आइडिया से पैसे भी कमा सकते हैं। स्मार्टफोन के जरिए हम दुनिया के किसी भी विषय पर जानकारी या मेडिकल मदद पा सकते हैं और ढेर सारे मनोरंजन के माध्यमों से  जुड़कर, बिना किसी खास ख़र्चे के, सिर्फ डाटा पैक या  वाईफाई के द्वारा, भरपूर मनोरंजन भी पा सकते है। लेकिन सावधान, स्मार्टफोन के इतने सारे उपयोग होने के बावजूद यह हमारे लिए एक मुसीबत का जड़ बन सकता है और  हमारे शरीर को बीमारों का घर भी बना सकता हैं।

दरअसल मोबाइल फोन से निकलने वाले इलेक्ट्रो मैग्नेटिक विकिरणों से हमारे डीएनए को नुकसान होता है। साथ ही अगर हम मोबाईल फोन का ज़्यादा इस्तमाल करते हैं तो इसके रेडियेशन से हमको कई तरह की शारीरिक और मानसिक बीमारियां भी हो सकती है जैसे फोन एडिक्शन, कैंसर, ट्यूमर, हृदय रोग, कमजोर आँखे, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन, सुस्ती, भ्रम, सादा सरदर्द, जटिल सरदर्द जैसे माइग्रेन, तेज या मन्द नब्ज़ चलना तथा नींद ना आना।

हाल के रिसर्च से यह दावा किया गया है कि ज्यादा देर तक छोटे छोटे वीडियोज भी देखते रहने से नींद ना आने और रात रात भर जागते रहने की खतरनाक बीमारी लग जाती है, क्योंकि छोटे वीडियो क्लिप्स, लगातार एक के बाद एक चलते रहते है। डॉक्टर्स के अनुसार अगर हमारी नींद पूरी नहीं होती तो हमारा इम्यून सिस्टम खराब हो  जाता है और हमें कोई भी छोटा या भयंकर रोग लग सकता है।

इसके अलावा सुस्ती, मोटापा, भूख कम या ज्यादा लगने के साथ हमेशा चिड़चिड़ानापन बना रहता है। इसलिए हमें मोबाईल फोन का इस्तमाल सम्भल कर करना चाहिए। रात को सोने से पहले तो मोबाइल फोन बिल्कुल नहीं देखना चाहिए। मोबाइल को अपने शरीर से सटाकर नहीं रखना चाहिए और अपने स्मार्टफोन को बिस्तर पर लेकर कभी नहीं सोना चाहिए।

★सुलेना मजुमदार अरोरा★