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नमस्ते बच्चों! क्या आप जानते हैं कि हर साल 26 जनवरी को पूरा भारत तिरंगे के रंग में क्यों रंग जाता है? यह सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं है, बल्कि हमारे देश के 'नियमों की किताब' यानी संविधान के लागू होने का उत्सव है। आज हम एक ऐसी कहानी पढ़ेंगे जिसमें रोमांच भी है और ज्ञान का खजाना भी। चलिए, वीर और पंखुड़ी के साथ 'गणतंत्र खोज' पर निकलते हैं।
वीर और पंखुड़ी की 'संविधान खोज'
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एक छोटा सा शहर था 'आजादपुर', जहाँ वीर और उसकी छोटी बहन पंखुड़ी रहते थे। 25 जनवरी की शाम थी और दोनों बच्चे बहुत उत्साहित थे क्योंकि अगले दिन उनके स्कूल में 26 जनवरी का उत्सव था। वीर के हाथ में एक पुरानी डायरी थी, जो उसे अपने दादाजी से मिली थी। दादाजी ने कहा था, "वीर, इसमें भारत के गणतंत्र बनने के 50 अनमोल मोती (तथ्य) छिपे हैं।"
वीर और पंखुड़ी ने डायरी खोली और उनकी खोज शुरू हुई।
इतिहास के झरोखे से (तथ्य 1-10)
26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था।
इसी दिन भारत एक गणतंत्र (Republic) देश बना।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
संविधान को बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा।
26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में इसी दिन 'पूर्ण स्वराज' का संकल्प लिया गया था।
भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है।
संविधान की मूल प्रति (Original Copy) हाथ से लिखी गई थी।
इसे प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने सुंदर सुलेख (Italic style) में लिखा था।
संविधान के हर पन्ने को शांतिनिकेतन के कलाकारों ने सजाया था।
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी।
वीर ने पंखुड़ी से कहा, "सोचो पंखुड़ी, बिना कंप्यूटर के इतना बड़ा संविधान हाथ से लिखना कितना मुश्किल रहा होगा!"
संविधान की ताकत (तथ्य 11-20)
जैसे-जैसे वे आगे बढ़े, डायरी के पन्ने चमकने लगे।
डॉ. बी.आर. अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक (Father of Constitution) कहा जाता है।
वह मसौदा समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष थे।
संविधान में हमें 6 मौलिक अधिकार दिए गए हैं।
यह हमें कानून के सामने बराबरी का अधिकार देता है।
संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे (बाद में संख्या बदली)।
इसमें 15 महिलाएं भी शामिल थीं जिन्होंने नियम बनाने में मदद की।
संविधान की मूल प्रति को संसद की लाइब्रेरी में हीलियम से भरे बॉक्स में सुरक्षित रखा गया है।
भारतीय संविधान पर कुल 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे।
जिस दिन हस्ताक्षर हुए, उस दिन बाहर बारिश हो रही थी, जिसे शुभ माना गया।
हमारा संविधान 'उधार का थैला' भी कहलाता है क्योंकि हमने कई अच्छी बातें दूसरे देशों से ली हैं।
पंखुड़ी बोली, "वीर भैया, इसका मतलब है कि संविधान हमें सुरक्षा और हक दोनों देता है!"
गणतंत्र दिवस की परेड और गौरव (तथ्य 21-30)
"अब देखो परेड के बारे में क्या लिखा है," वीर ने उत्साह से कहा।
पहली गणतंत्र दिवस परेड इरविन स्टेडियम (अब नेशनल स्टेडियम) में हुई थी।
1955 से परेड राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर आयोजित होने लगी।
परेड की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा तिरंगा फहराने से होती है।
तिरंगा फहराते समय 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
यह सलामी वास्तव में तोपों से नहीं, बल्कि सेना की विशेष गन (25-pounders) से दी जाती है।
परेड में हर साल एक मुख्य अतिथि (Chief Guest) को बुलाया जाता है।
1950 में पहले मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे।
'अमर जवान ज्योति' पर पहले श्रद्धांजलि दी जाती है (अब नेशनल वॉर मेमोरियल)।
परेड में विभिन्न राज्यों की झांकियां (Tableaux) उनकी संस्कृति दिखाती हैं।
भारतीय वायु सेना का 'फ्लाईपास्ट' परेड का सबसे रोमांचक हिस्सा होता है।
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राष्ट्रीय प्रतीक और नियम (तथ्य 31-40)
दादाजी की डायरी में आगे राष्ट्रीय प्रतीकों का जिक्र था।
भारत का राष्ट्रीय ध्वज पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था।
तिरंगे में केसरिया रंग साहस, सफेद शांति और हरा खुशहाली का प्रतीक है।
बीच में स्थित अशोक चक्र में 24 तीलियाँ होती हैं।
ये 24 तीलियाँ दिन के 24 घंटों और प्रगति का संदेश देती हैं।
'जन गण मन' को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया।
इसे रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था।
राष्ट्रगान गाने में पूरे 52 सेकंड लगते हैं।
'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गीत (National Song) का दर्जा प्राप्त है।
भारत का राष्ट्रीय चिन्ह 'अशोक स्तंभ' सारनाथ से लिया गया है।
इस पर 'सत्यमेव जयते' लिखा है, जिसका अर्थ है 'सत्य की ही जीत होती है'।
कुछ अनसुनी बातें (तथ्य 41-50)
पंखुड़ी ने आखिरी पन्ना पलटा।
गणतंत्र दिवस उत्सव तीन दिनों तक चलता है।
इसका समापन 29 जनवरी को 'बीटिंग रिट्रीट' समारोह के साथ होता है।
बीटिंग रिट्रीट में भारतीय वाद्ययंत्रों की धुन बजाई जाती है।
गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति देश को संबोधित करते हैं।
इसी दिन वीरता पुरस्कार (Gallantry Awards) जैसे परमवीर चक्र दिए जाते हैं।
बहादुर बच्चों को 'राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार' से सम्मानित किया जाता है।
परेड में भाग लेने वाले जवानों को सुबह 2 बजे से तैयारी करनी पड़ती है।
गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस में अंतर है: 15 अगस्त को झंडा नीचे से ऊपर खींचा जाता है (Flag Hoisting), जबकि 26 जनवरी को झंडा ऊपर ही बंधा होता है और उसे खोलकर फहराया जाता है (Unfurling)।
भारत के संविधान को Wikipedia पर विस्तार से पढ़ा जा सकता है।
हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं क्योंकि यहाँ जनता अपनी सरकार चुनती है।
कहानी का निष्कर्ष: वीर और पंखुड़ी का संकल्प
वीर और पंखुड़ी ने डायरी बंद की। उन्हें समझ आ गया कि गणतंत्र दिवस सिर्फ परेड देखने के लिए नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए है। अगले दिन स्कूल में जब तिरंगा फहराया गया, तो दोनों बच्चों ने गर्व से उसे सलाम किया।
सीख (Moral of the Story)
देश का संविधान हमें अधिकार देता है, लेकिन एक अच्छा नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम नियमों का पालन करें और देश की प्रगति में योगदान दें। अनुशासन और एकता ही एक मजबूत गणतंत्र की पहचान है।
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Tags : 26th January
