Deva E-Comics: देवा और ज्वालामुखी
पूरा दिन बीत चूका था सभी लोग शाम के काम ख़त्म करके रिलैक्स मूड में घूम रहे थे, देवा भी कई दिनों बाद चैन की नींद सोने की तैयारी कर रहा था की तभी शहर से लगे मैदान में जो सोया हुआ ज्वालामुखी था वो फट गया।
पूरा दिन बीत चूका था सभी लोग शाम के काम ख़त्म करके रिलैक्स मूड में घूम रहे थे, देवा भी कई दिनों बाद चैन की नींद सोने की तैयारी कर रहा था की तभी शहर से लगे मैदान में जो सोया हुआ ज्वालामुखी था वो फट गया।
सब कुछ बाकी दिनों की ही तरह शांत चल रहा था की तभी बहरूपिया नाम का राक्षस आ गया और पूरी पृथ्वी को तहस नहस करने लगा, लोगों को मरना, बिल्डिंग तोडना, पेड़ उखाड़ देना वो बहुत देर तक ये सब करता रहा।