E-COMICS मोटू पतलू और फुरफुरी नगर का क्रिसमस
फुरफुरी नगर में क्रिसमस का जश्न रंगीन सजावट, उत्साह और सांताक्लॉज़ के इंतज़ार से भरा है। मोटू, पतलू और पपीता सभी तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन तभी एक गुप्त ख़तरा नगर की शांति भंग करने आता है।
फुरफुरी नगर में क्रिसमस का जश्न रंगीन सजावट, उत्साह और सांताक्लॉज़ के इंतज़ार से भरा है। मोटू, पतलू और पपीता सभी तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन तभी एक गुप्त ख़तरा नगर की शांति भंग करने आता है।
क्या आपको कभी इतनी तेज़ भूख लगी है कि आपको लगा हो कि बस अब खाना मिल जाए तो कुछ भी कर गुज़रेंगे? क्या आपने कभी सोचा है कि भूख लगने पर हमारे दिमाग में क्या-क्या चलता है?
अरे वाह! मज़ेदार ख़बर आ रही है मायापुरी से! हमारे प्यारे, समोसे-प्रेमी मोटू और उसके अकलमंद दोस्त पतलू एक बार फिर एक ऐसे ख़तरे में कूद पड़े हैं, जिसका कनेक्शन है सीधे एक लाख डॉलर के भारी-भरकम इनाम से!
क्या आपने कभी किसी चीज़ को देखकर सोचा है — “काश! ये मेरी होती!” 😋 बिलकुल वैसे ही जैसे जब हम बेकरी की दुकान के बाहर से देखते हैं — केक, पेस्ट्री, चॉकलेट्स… और फिर हमारी ज़ुबान अपने आप कहती है
E-Comic : सम्पत चम्पत और बैंक की लूट- क्या आपने कभी सुना है — चोर भी कभी-कभी खुद ही फँस जाते हैं? अगर नहीं, तो तैयार हो जाइए एक ऐसी ही हँसी-ठिठोली भरी कहानी के लिए जहाँ न सिर्फ ठहाके लगते हैं बल्कि सिखने को भी मिलता है।
बच्चों, क्या आपने कभी भूख लगने पर सिर्फ़ कल्पना में खाना खाया है? या फिर किसी दोस्त से कुछ वादा किया हो, और बाद में पता चले कि वह तो सिर्फ़ एक मज़ाक था?
नमस्ते बच्चों! क्या आपने कभी सोचा है कि जब मोटू और पतलू, जो हमेशा अपनी हरक़तों से मुसीबत मोल लेते हैं, एक धार्मिक जागरण करने का फ़ैसला करें तो क्या होगा?