Category "Interesting Facts"

2Jan2021

भारत दुनिया का सबसे बड़ा, पुराना और बिना रुके चलने वाला शिष्ट समाज है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है।
भारत ने 1000 साल के अपने इतिहास में किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया।

31Dec2020

आठ महीने ठण्ड के कारण, कोट पैंट पहनना उनकी विवशता हैं और शादी वाले दिन भरी गर्मी में कोट पैंट डाल कर बारात ले जाना, हमारी मूर्खता हैं। ताजा भोजन उपलब्ध ना होने के कारण, सड़े आटे से पिज्जा, बर्गर, नूडल्स खाना यूरोप की विवशता हैं और 56 भोग छोड़ कर 400 रूपये की सड़ी रोटी (पिज्जा) खाना, हमारी मूर्खता हैं।

1Dec2020

वर्ली कला महाराष्ट्र की खूबसूरत लोक कला है, जिसे पारम्परिक तौर पर कबायली महिलाओं ने शुरू किया था। इस कला को सबसे पहले सत्तर के दशक में खोजा गया था और इसका नाम वर्ली कला रखा गया था। कबायली लोग अपने विचारों को अलग अलग ढंग की चित्रकला से दर्शाते थे ….

30Nov2020

स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) को दरबार साहिब और हरमंदर साहिब भी कहा जाता है और यह भारत के सिखों की सबसे पुराना पूजा करने का स्थान है। यह पंजाब के अमृतसर में स्थित है।

28Nov2020

भारत में छह तरह के शास्त्रीय नृत्य हैं जिनमें से एक मणिपुरी नृत्य (Manipuri Dance) है। बाकी के पाँच नृत्य भरतनाट्यम, कथकली, कत्थक, कुचिपुड़ी और ओडिसी हैं। मणिपुरी नृत्य का नाम उसके क्षेत्र मणिपुर के नाम से पड़ा, जो कि उत्तरी भारत में स्थित एक राज्य है।

28Nov2020

गुरु नानक जयंती को सिख बहुत धूमधाम से मनाते है। यह खुशियां सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी के जन्म के अवसर पर मनाई जाती है। पूरे विश्व में सिख धर्म के लोग इस दिन नगर कीर्तन निकालते है और सिखों के ग्रन्थ श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के शब्द पढ़ते हैं। यह पर्व कार्तिक महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।

गुरु नानक जी का जन्म पाकिस्तान के लाहौर से 30 किलोमीटर दूर तलवंडी गांव में 14 अप्रैल 1469 में हुआ था। उनका जन्म क्षत्रिय परिवार में मेहता कालू चाँद और तृप्ति देवी के घर हुआ था। उनका स्वाभाव धार्मिक था और वह अपना ज्यादातर समय धार्मिक ध्यान में बिताते थे। नानक ने सुलखनी जी से शादी की और उनके दो बच्चे श्रीचंद और लक्ष्मीचंद पैदा हुए। लेकिन वह अपने परिवार को छोड़कर ध्यान साधना करने के लिए जंगलों में चले गए। गुरु नानक देव के पहले सच्चे भक्त मरदाना थे।

34 साल की उम्र में नानक धर्म प्रचारक बने। उन्होंने उपदेश दिया कि कोई हिन्दू और मुस्लिम नहीं है, सभी मनुष्य है। वह अपनी धार्मिक सच्चाई के लिए काफी मशहूर हो गए। उन्होंने कई खूबसूरत कविताये बनायीं जो जपजी साहिब में शामिल है।

guru nanak jayanti

गुरु नानक जयंती का जश्न

इस दिन श्रद्धालू धार्मिक ग्रन्थ श्री गुरु ग्रन्थ साहिब में से शब्द पढ़ते है और 48 घंटों तक गुरुद्वारों में बिना रुके शब्द कीर्तन चलते है। इसे अखंड पाठ कहते है। इस मौके पर हर किसी को मिठाई और लंगर बांटे जाते है। आदमी, औरत और बच्चे कारसेवा में हिस्सा लेते है और गुरु के लंगर को बनाते है। इसमें संगत को कराह प्रसाद भी बांटा जाता है।

यह त्यौहार पूरे धूमधाम से पूरे भारत खासकर पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है। इस पर्व पर अमृतसर का स्वर्ण मंदिर आकर्षण का खास केंद्र रहता है।

और पढ़ें : नाव रेस के बारे में 10 तथ्य

2Nov2020

रोचक जानकारी : नरक का दरवाजा उसे जाता है जहाँ मैदान में प्राकृतिक गैस का क्रेटर गड्ढा है, जहाँ हमेशा आग जलती रहती है।  नरक के दरवाजे का असली नाम दरवाजे क्रेंटर है क्योंकि यह तुर्किस्तान के अहाल प्रान्त के दरवाजे गाँव में है।  यह काराकुम मरुस्थल के बीचों बीच स्थित है। ये दुनिया की सबसे बड़ी गैस रिजर्व है।

26Oct2020

Green Diwali : पटाखे जलाएँ मगर सावधानी से। ऐसे ही पटाखे जलाएँ जो ध्वनि प्रदूषण न करते हों और कम से कम वायु प्रदूषण करते हों।
इसका सबसे अच्छा उदाहरण है फुलझड़ी। फुलझड़ी से बिल्कुल भी ध्वनि प्रदूषण नहीं होता और वायु प्रदूषण भी कम से कम होता है। पटाखे जैसे की अनार और चकरी ध्वनि प्रदूषण तो ज्यादा नहीं करते मगर वायु को बहुत प्रदूषित करते हैं।

13Oct2020

भारत के मशहूर त्योहार दशहरा (Dussehra) ने हमें हमेशा सिखाया है की अच्छाई और बुराई की लड़ाई में जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है। विजयदशमी के नाम से जाने जाने वाला यह त्योहार हिन्दी महीने के आश्विन के दसवे दिन मनाया जाता है, जो ग्रेगोरियन महीनो के हिसाब से सितम्बर या अक्टूबर में पड़ता है।
भारत में विजयदशमी या दशहरा दो वजहों से मनाया जाता हैः

13Oct2020

नाव रेस के बारे में 10 तथ्य: यूनाइटेड किंगडम में देखने के लिए बेहद सुन्दर- सुन्दर जगह हैं। साथ ही यह घर है विश्व की उम्दा यूनिवर्सिटी कैंब्रिज का। तम्बुरलें होटल कैंब्रिज हर साल वार्षिक नाव रेस का आयोजन करता है और अपने मेहमान को इतिहास बड़े मजेदार ढंग से बताता है। इस रेस में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी बोट क्लब की टीम ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी बोट क्लब की टीम से जीतने का प्रयास करती है।

ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज के बीच पहली नाव रेस 10 जून 1829 में हुई थी। साल 1856 से से यह हर साल हो रही है सिर्फ पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इसे आयोजित नहीं किया गया था।

पहली रेस दो स्कूल के दोस्तों में एक चुनौती की वजह से हुई थी जिसमे एक कैंब्रिज का छात्र था और दूसरा आॅक्सफोर्ड का। पहले रेस कभी भी हो जाती थी लेकिन बाद में इसे वार्षिक स्पोर्टिंग समारोह बना दिया गया जो एक ही समय में हर साल होता है।

दोनों प्रतियोगी टीमें थेम्स नदी में 4.2 मील सेक्शन तक जाते है जिसे चैम्पियनशिप कोर्स कहा जाता है।

राष्ट्रीय टीम इसमें न होने के बावजूद भी ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज के बीच की  नाव रेस को टीवी पर दिखाया जाता है और इसे करीब 15 मिलियन लोग देखते है।

1912 में यह रेस बहुत बुरे मौसम में हुई थी और दोनों प्रतियोगियों की बोट पानी भरने के कारण डूब गयी थी। ऑक्सफोर्ड के इस रेस में आगे निकलने के बावजूद इसे अगले दिन के लिए टाला गया था।

1912 की रेस को जज जाॅन फेल्प्स ने डेड हिट घोषित किया था और दोनों में से कोई टीम नहीं जीती थी। कई लोगों को लगा था की फेल्प्स ने गलती की है।

हालाँकि मुख्य दिन के दौरान ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज के पुरुष टीम के बीच प्रतियोगिता होती है लेकिन उससे पहले महिलाओं की टीम की भी प्रतियोगिता होती है।

अभिनेता हघ लाॅरिए ने 1980 में कैंब्रिज टीम की तरफ से रेस में हिस्सा लिया था। नौकायन उनके परिवार में चलता आ रहा है क्योंकि उनके पिता ने 1934 से 1936 के बीच हुई रेस में भाग लिया था।

2012 में रेस को दोबारा शुरू करना पड़ा क्योंकि देखने वाले ट्रेंटन ओल्डफील्ड जानबुझ कर दोनों टीमों को रोकने के लिए नदी के बीच में कूद गए थे। रेस को सुरक्षा के लिए रोक दिया गया था और दोबारा शुरू किया गया था।

सिक्के को उछालकर तय किया जाता है की कौनसी टीम किस साइड पर रेस करेगी। टीमों को या तो नदी के मिड्ल या फिर सभी साईड पर रेस करने का मौका दिया जाता है। हर साइड के अपने फायदे और नुकसान है।