भारत के राष्ट्रपति पद पर नॉमिनेट होने वाली प्रथम ट्राइबल महिला श्रीमती Draupadi Murmu

श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 2022 के इंडियन प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में , श्रीमती द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) भारत के राष्ट्रपति पद पर नॉमिनेट होने वाली पहली ट्राइबल महिला है, जिनके बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा,”श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने अपना जीवन, समाज सेवा और गरीबों, दलितों, के उत्थान के लिए समर्पित किया है। मुझे विश्वास है, वह हमारे देश की एक महान राष्ट्रपति बनेंगी ।”

श्रीमती द्रौपदी मुर्मू  का जन्म बीस जून 1958, में ओड़िशा राज्य के, बायदापोसी गांव, मयूरभंज जिले में, एक संथाली आदिवासी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम बिरंची नारायणन टुडू था जो अपने गांव और समाज के मुख्या थे। अपनी स्कूली शिक्षा केबीएचएस उबारबेडा स्कूल, मयूरभंज के बाद, उन्होंने, रामा देवी वुमेंस यूनिवर्सिटी भुवनेश्वर से ग्रैजुएशन किया और शिक्षिका के रूप में कार्य करने लगीं। द्रौपदी की शादी, बैंक ऑफिसर श्याम चरण मुर्मू से हुई और उनके दो बेटा और एक बेटी हुई।  1997 में राजनीति में आने से पहले वे श्री ऑरबिंदो इंटेग्रेल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर राजगंगपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर थी, वे इरिगेशन डिपार्टमंट ओड़िशा में जूनियर असिस्टेंट के रूप में भी कार्य कर चुकी थी।

2003 में द्रौपदी ने अपने गांववासियों के लिए बालदापोसी में एक ब्रिज बनवाया। 2007 में श्रीमती द्रौपदी को, ओड़िशा लेजिसलेटिव एसेम्बली की ओर से  सर्वश्रेष्ठ एम एल ए का अवार्ड प्राप्त हुआ। दुर्भाग्यवश 2009 में एक एक्सीडेंट में उनके बेटे की मृत्यु हो गई। अभी वे इस दुःख से उबर पाती कि 2013 में उनके दूसरे बेटे का भी निधन हो गया और 2014 में उनके पति भी इस दुनिया में नहीं रहे।  लेकिन उन्होंने जिंदगी से हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, “मैंने जीवन के बहुत उतार चढाव देखे, मेरे दोनों बेटों और पति के निधन से मुझपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा लेकिन मैंने दुखों से हार नहीं मानी, ईश्वर ने मुझे जनता की सेवा करने की शक्ति दी।”

2015 में वे पाँच साल की अवधि के लिए झारखण्ड की प्रथम महिला गवर्नर बनी। 2016 में उन्होंने कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल राँची को मृत्यु के बाद अपनी आँखे दान करने का फैसला किया। बताया जाता है कि उन्होंने अपने चार एकड़ के जमीन को ट्रस्ट बनाकर एक स्कूल को दान कर दिया। ट्रस्ट का नाम, उनके दिवंगत पति और दोनों दिवंगत बेटे के नाम पर ‘एसएलएस’ रखा गया। मुर्मू ने अपने पति और बेटों के लिए स्कूल में एक मेमोरीयल भी बनाया।  यदि द्रौपदी मुर्मू भारत की प्रेसिडेंट चुनी गई तो वे भारत की आज़ादी के बाद जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति बनेंगी।

सुलेना मजुमदार अरोरा