नीरज चोपड़ा ने इतिहास कैसे बनाया

पिछले साल टोक्यो में ओलिंपिक गोल्ड जीतकर भारत का  पहला ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने नीरज चोपड़ा ( Neeraj Chopra) ने एक बार फिर 88.13 मीटर का बेस्ट थ्रो देकर वर्ल्ड चैंपियनशिप में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता।  खंड्रा पानीपत हरियाणा में 24 दिसंबर 1997 को जन्में  नीरज, बचपन में  थोड़ा मोटा था, जिसके कारण उनके दोस्त उन्हें चिढ़ाया करते थे, बेटे ने शिकायत की तो पापा ने नीरज को मदलौदा के जिम्नेजियम में दाखिला करवाया और बाद में उन्हे पानीपत के जिम में एनरोल किया ।

एक दिन जब वो शिवाजी स्टेडियम में खेल रहा था तो उसने कुछ जवेलियन फेंकने वालों को प्रैक्टिस करते देखा। तेरह वर्ष का नीरज  भी उनके साथ खेलने लगा, फिर उसने स्पोर्ट्स  अथॉरिटी ऑफ इंडिया ज्वॉइन कर ली जहां जैवलिन एक्सपर्ट जयवीर चौधरी ने नीरज के हुनर को पहचाना और उसे ट्रेनिंग देने लगे।

नीरज ने फिर ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पंचकुला से भी ट्रेनिंग ली और डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। फिर लखनऊ में नैशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2012 में नीरज ने गोल्ड मेडल हासिल की। 2014 में नीरज ने यूथ ओलंपिक्स क्वालिफिकेशन बैंकॉक में प्रथम इंटरनेशनल  सिल्वर मेडल हासिल की। उनकी  प्रतिभा देख, पटियाला में नेताजी सुभष नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में ट्रेनिंग के लिए बुलाया और उन्हे ऑस्ट्रेलियन कोच गैरी कलवर्ट से कोचिंग मिलने लगी। 2016 में  नीरज ने पोलैंड में आईएएएफ वर्ल्ड यू20 में गोल्ड मेडल जीता और बैंगलुरू के स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सेंटर में ट्रेनिंग के लिए आ गए।

2017 में उन्हें एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल मिली। उन्ही दिनों नीरज  ने वरनर डेनियल से भी तीन महीने की ट्रेनिंग ली। 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में, मेंस जैवलिन थ्रो जीतकर वे कॉमनवेल्थ गेम्स  जीतने  वाले प्रथम भारतीय बने। अगस्त 2018 में नीरज ने एशियन गेम्स के मेंस जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीता। यह एशियन गेम्स में भारत का पहला गोल्ड मेडल था। उसके बाद नीरज ने जर्मन कोच यूवे होहन, कलौस बर्टिनियट्स और फिजियोथैेरापिस्ट ईशान मारवाह से ट्रेनिंग ली और सोलह महीने बाद साउथ अफ्रीका  एथलेटिक्स सेंट्रल नॉर्थवेस्ट लीग मीटिंग के इंटरनेशनल कंपीटिशन जीतकर टोकिओ ओलंपियाड के लिए  क्वालीफाई हो गए।  2021 में  नीरज ने ओलंपिक्स में, जापान नैशनल स्टेडियम में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए डेब्यू किया और गोल्ड मेडल जीतकर एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले प्रथम  भारतीय ओलंपियन बन गए।

हाल ही में उन्होंने तुरकु फिनलैंड के पावो नुर्मी गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीता और अब एक सुनहरा इतिहास रचकर 2022 में  नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप ओरेगन में मेंस जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीतकर, भारत का सर गर्व से ऊंचा किया। पूरा देश अपने इस सपूत के इंतजार में पलक पांवड़े बिछाए बैठे हैं। बेटे नीरज को  चूर्मा खाना खूब पसंद है, वापस लौटते ही कहेगा, “मां, चूर्मा खाना है।”

★सुलेना मजुमदार अरोरा