7 से 12 साल के बच्चों के लिए माइग्रेन की सलाह
आपका सिरदर्द कैसा होता है? अगर आप यह पढ़ रहे है तो शायद आपको सर में दर्द रहता है। शायद आपको यह हर हफ्ते या हर महीने होता है। सिरदर्द आपका सारा किये जाने वाले प्लान को चैपट कर सकता है।
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October महीना साल का दसवाँ महीना है और इसमें 31 दिन होते है। 153 बी सी ई तक यह रोमन कैलेंडर में साल का 8वां महीना था । जब आठवां बना दसवाँ महीना अक्टूबर महीने माॅडर्न दिन ग्रेगोरियन कैलेंडर और उसके पूर्वज जूलियन कैलेंडर के अनुसार साल का दसवां महीना है। इस महीने ने अपना असली नाम रोमन कैलेंडर से लिया है जिसमे ऑक्टो का मतलब आठ होता है और लैटिन मार्किंग के अनुसार यह साल का आठवां महीना था।
Travel : मेहरानगढ़ किला अपनी खूबसूरत बनावट के लिए जाना जाता है लेकिन इस किले के साथ कुछ इतिहास भी जुड़ा है, जो ज्यादातर लोगों को नहीं पता।
कबड्डी के जैसे ही खो खो भी भारत का एक अनोखा खेल है। यह मनुष्य की क्षमता मापने का सबसे बढ़िया खेल है और साथ ही यह मजेदार भी है। आइये इस खेल के बारे में और अनोखी बातें जानते है।
डॉ राजेंद्र भारुद की जीवनी: महाराष्ट्र के नंदुरबार में, एक छोटे से गाँव के बेहद गरीब परिवार में एक बालक का जन्म हुआ। माँ ने नाम रखा राजू। जन्म से कुछ दिन पहले ही पिता की मृत्यु हो गई थी। गरीबी इतनी थी कि उनके सर पर छत भी
जी हा! आशा और निराशा दोनों सखियां प्रतिस्पर्धा की भावना से प्रेरित होकर जीवन-पथ पर निरन्तर दौड़ लगाती रहती हैं। कभी आशा आगे निकल जाती है तो कभी निराशा बाजी मार ले जाती हैं। जब आशा जीतने लगती है तो मनुष्य बहुत महत्त्वाकांक्षी हो जाता है। साथ ही अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिये वह जी-जान से परिश्रम करता है। वह सोचने लगता है। कि मेहनत के बल पर वह अवश्य अपनी मंजिल को पा लेगा। इसके विपरीत जब निराशा विजय होने लगती है। तो मनुष्य जीवन से हार मान लेता है। उसे अपने सभी प्रयत्न बेकार लगने लगते हैं।
प्राचीन काल में सोरठ राज्य के राजा वीर भद्र दान-पुण्य के लिए बड़े लोकप्रिय थे। द्वार पर आने वाला कोई भी याचक खाली हाथ न जाता था।, उनका यह सारा दान, अनीति और अधर्म की कमाई से होता था।
सरजू और मुरारी पड़ोसी किसान थे। दोनों अपने अपने खेत में फसल उगाते और सुखपूर्वक रहते। एक हद तक वे एक दूसरे के दुख-सुख के साथी भी थे। खाली समय में वे अक्सर पेड़ की छाया में बैठकर बाते करते थे। और सलाह-मशवरा करते।
1995 से यूनाइटेड नेशंस 16 सितम्बर को ओजोन परत (Ozone Layer) का बचाव करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाते है। इस तारीख का चुनाव इसलिए किया गया क्यूंकि 16 सितम्बर 1987 में जो चीजे ओजोन की परत को समाप्त करते है उनपर बनाया मोंट्रियल प्रोटोकाॅल को इस दिन साइन किया गया था।