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साहस और देशभक्ति की विरासत का सम्मान
भारत के गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर, भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय ‘पराक्रम दिवस–2026’ का भव्य आयोजन कर रहा है। 23 से 25 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह त्रि-दिवसीय समारोह देश भर के 13 ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ मुख्य रूप से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजय पुरम में आयोजित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय उत्सव का मूल उद्देश्य नेताजी के अदम्य साहस, उनके अटूट बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ देशभक्ति की विरासत को सम्मानित करना है।
मुख्य समारोह और आधिकारिक उद्घाटन
आज, शुक्रवार को इस गौरवमयी उत्सव का मुख्य कार्यक्रम श्री विजय पुरम के प्रतिष्ठित नेताजी स्टेडियम में संपन्न होगा। समारोह के मुख्य अतिथि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल, एडमिरल डी.के. जोशी (सेवानिवृत्त) होंगे। कार्यक्रम की एक मुख्य विशेषता माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रेषित विशेष संदेश का प्रसारण होगा, जो ‘पराक्रम दिवस–2026’ के महत्व को रेखांकित करेगा।
सांस्कृतिक संध्या: कला और तकनीक का संगम
समारोह के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम देश की कलात्मक विविधता की झलक पेश करेंगे। इस वर्ष के आकर्षणों में शामिल हैं:
ड्रोन शो: आकाश में नेताजी के जीवन और वीरता को दर्शाने वाली अत्याधुनिक ड्रोन प्रस्तुति।
प्रख्यात कलाकार: उस्ताद अमजद अली खान, पापोन, अमान और अयान अली बंगश, मंगली, रघु दीक्षित, प्रतिभा सिंह बघेल और सौरेंद्रो-सौम्यजीत जैसे दिग्गज अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
युवा प्रतिभा: अंडमान और निकोबार के स्कूली बच्चों द्वारा विशेष रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
प्रदर्शनी और ऐतिहासिक यात्रा
आईटीएफ (ITF) ग्राउंड में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यहाँ आने वाले आगंतुक:
नेताजी के जीवन से जुड़े दुर्लभ चित्रों और ऐतिहासिक वृत्तांतों को देख सकेंगे।
उनकी जीवन यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों को बारीकी से समझ सकेंगे।
भारत के विभिन्न अंचलों के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रदर्शनों का आनंद ले सकेंगे।
विरासत और हस्तशिल्प का उत्सव
यह आयोजन न केवल वीरता का सम्मान है, बल्कि अंडमान और निकोबार की अनूठी संस्कृति का उत्सव भी है। उत्सव के दौरान:
विविध व्यंजन: आगंतुकों को द्वीपों के पारंपरिक और लजीज व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा।
पारंपरिक हस्तशिल्प: स्थानीय जनजातीय कलाकारों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी।
नाट्य प्रस्तुति: 24 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) द्वारा नेताजी के आदर्शों पर आधारित एक विशेष नाटक का मंचन किया जाएगा।
निष्कर्ष: युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
संस्कृति मंत्रालय के इस सराहनीय प्रयास का मुख्य लक्ष्य आने वाली पीढ़ी, विशेषकर युवाओं को नेताजी के साहस, एकता और राष्ट्र सेवा के मूल्यों से जोड़ना है। ‘पराक्रम दिवस–2026’ केवल एक जयंती समारोह नहीं है, बल्कि यह भारत की साझा विरासत और सांस्कृतिक विविधता का एक सशक्त संगम है।
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