Travel: अनदेखे अनंत की भूमि लद्दाख

कहा जाता है कि लद्दाख के रहस्यमय पहाड़ो पर किस्मत ही ले जाती है, क्यों कि यहाँ पहुँचते ही पहाड़, आसमान व बादल, नदियां और झीलें इस बर्फीले रेगिस्तान को इतना आर्कषक बना देते हैं कि घुमंतों की आत्मा तक के तारों में संगीत बजने लगता है।

By Lotpot Kids
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अनदेखे अनंत की भूमि लद्दाख

Travel अनदेखे अनंत की भूमि लद्दाख:- कहा जाता है कि लद्दाख के रहस्यमय पहाड़ो पर किस्मत ही ले जाती है, क्यों कि यहाँ पहुँचते ही पहाड़, आसमान व बादल, नदियां और झीलें इस बर्फीले रेगिस्तान को इतना आर्कषक बना देते हैं कि घुमंतों की आत्मा तक के तारों में संगीत बजने लगता है, अनकहे शब्द प्राचीन कहानियां सुनाने लगते हैं। (Travel)

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लद्दाख की यात्रा करना अपने आप में एक अद्वितीय अनुभव है। लद्दाख, जहां के पहाड़ साफ नीले आसमान को मंत्र फिजा से भर देते हैं, यहां समय रुक सा जाता है, जहां बर्फीली नदी का पानी ग्लेशियर की ऊंचाई से नीचे को टपकता है, अगर यह सब कुछ जादू नहीं है तो क्या है? पहाड़ों के किनारे और चोटियों पर परंपरागत प्रार्थना झंडे विभिन्न रंगों में दिखायी दे जाएंगे। (Travel)

लद्दाख के खुशमिजाज लोग चमकदार रंगों का लिबास पहने रहते हैं और अपने देश...

लद्दाख के खुशमिजाज लोग चमकदार रंगों का लिबास पहने रहते हैं और अपने देश फीचर्स से गजब का नजारा प्रस्तुत करते है, लेकिन बर्फीले रेगिस्तान का बंजरपन पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है। ‘शेर रूपी’ इंडस नदी इस रेगिस्तान में लेह घाटी से होकर गुजरती है। यह जहां से गुजरती है गजब के प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलते हैं, खासकर लद्दाख व जंसकार माला में। नदी के किनारे प्राचीन गोम्पा व मठ बने हुए हैं, जिनमें अमूल्य फ्रेस्को पेंटिंग्स आपको मंत्रमुग्ध कर देती हैं। (Travel)

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यह सुदंर रेगिस्तान उत्तर में काराकोरम रेंज से लेकर दक्षिण में हिमालय तक फैला हुआ है और यह जम्मू कश्मीर राज्य में है और आबादी इसकी बिखरी हुई सी महसूस होती है। यहां के ज्यादातर लोग तिब्बती मूल के हैं। पश्मीना ऊन, मसाले व कपड़े यहां के प्रमुख व्यवसाय हैं। (Travel)

लद्दाख किसी जमाने में जब सिल्क रूट का इस्तेमाल होता था तो केंद्रीय एशिया लद्दाख रूट से 60 दिन की कठिन यात्रा करते थे, जो अमृतसर व यरकंद को जोड़ती थी और जिसमें ग्यारह दर्रे थे। लद्दाख में घूमते हुए आपको दिच नाहत हन के शब्द एकदम से याद आ जाते है, ‘‘अपने पैरों और जमीन के बीच सम्पर्क के प्रति सावधान रहो”। इस तरह चलो जैसे तुम अपने पैरों से पृथ्वी को चूम रहे हो। हमने पृथ्वी को बहुत नुकसान पहुंचाया है। अब समय आ गया है कि हम उसकी अच्छी देखभाल करें। हम पृथ्वी पर अपनी शांति व अमन को लाए और प्रेम के सबक को बांटे। हम इस भावना से चलें। (Travel)

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