Travel: साई बाबा का घर शिरडी

शिरडी, महाराष्‍ट्र के अहमदनगर जिले में एक अनोखा गांव है जो कि नासिक से 76 किमी. की दूरी पर स्थित है। आज, यह गांव एक सबसे ज्‍यादा दर्शन करने वाले तीर्थ केन्‍द्र में तब्‍दील हो गया है।

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Shirdi sai baba

साई बाबा का घर शिरडी

Travel साई बाबा का घर शिरडी:- शिरडी, महाराष्‍ट्र के अहमदनगर जिले में एक अनोखा गांव है जो कि नासिक से 76 किमी. की दूरी पर स्थित है। आज, यह गांव एक सबसे ज्‍यादा दर्शन करने वाले तीर्थ केन्‍द्र में तब्‍दील हो गया है। शिरडी, 20वीं शताब्‍दी के महान संत साई बाबा का घर था। बाबा ने अपने जीवन की आधे से ज्‍यादा उम्र को शिरडी में बिताया। यानि अपने जीवन के 50 से अधिक साल इस गांव में बिताऐ और इस छोटे से गांव को एक बड़े तीर्थस्‍थल में परिवर्तित कर दिया, जहाँ जगह-जगह से भक्‍त आकर उनके दर्शन करते हैं और प्रार्थना करते हैं। (Travel)

लोक मान्यता है कि वे जीवनभर एक मस्जिद में रहे और उनकी मृत्यु के पश्चात उनका अंतिम संस्कार एक मंदिर में हुआ था।

उन्होंने हिंदू व मुस्लिम, दोनों ही परंपराओं को नया रूप दिया। इस तीर्थस्थान का मूल नारा ‘अल्लाह मालिक’ है। (Travel)

shirdi sai baba

‘साँई बाबा’ नाम फारसी और भारतीय से लिया गया है, ‘साँई’ एक फारसी शब्द है, जिसका अर्थ है पवित्र या संत, जबकि भारतीय भाषाओं में ‘बाबा’ शब्द का प्रयोग पिता के लिए किया जाता है। इस तरह से साँई बाबा का अभिप्राय पवित्र पिता से है। 

जन्म से लेकर सोलह वर्ष तक की आयु का उनका जीवन परिचय अस्पष्ट है, इसलिए उनके प्रारंभिक जीवन से जुड़े कई सारे अनुमान व अनुश्रुतियाँ सुनने को मिलती हैं। अपने जीवनकाल में उन्होंने हिंदू व इस्लाम धर्मों की एकता पर बल दिया है। (Travel)

साँई बाबा ने प्रेम, दया, सहिष्णुता, क्षमा, शांति और भक्ति जैसे सिद्धांतों का पाठ पढ़ाया। वे अद्वैतवाद दर्शन के अनुयायी थे और उन्होंने भक्ति व इस्लाम, दोनों ही धाराओं में शिक्षाएँ दीं। महाराष्ट्र, दक्षिणी गुजरात और आंध्रप्रदेश में इनकी लोकप्रियता अपरम्पार है, मगर उनके मूल को लेकर आज भी विवाद है। (Travel)

shirdi sai baba

शिरडी में साँई बाबा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण स्थान आसपास ही स्थित हैं, जिनमें साँई बाबा का ‘समाधि’ मंदिर, संत स्थान ‘गुरुस्थान’, मस्जिद ‘द्वारकामाई’, चावड़ी, लेंडीबाग, संग्रहालय तथा खंडोबा मंदिर। यहाँ पर तीन प्रमुख त्योहार श्री रामनवमी, गुरुपूर्णिमा तथा विजयादशमी महोत्सव के रूप में मनाए जाते हैं। (Travel)

कैसे जाएँ:-

1) आप मुंबई रेल, बस या विमान से जा सकते हैं। मनमाड़ यहाँ का नजदीकी रेलवे स्टेशन है। आप मनमाड़ पहुँचकर अपने गंतव्य के लिए रेल ले सकते हैं।

2) मनमाड़ से बस या टैक्सी भी कर सकते हैं। (Travel)

3) महाराष्ट्र राज्य परिवहन बोर्ड भी इस स्थान तक पहुँचने के लिए बस सेवा प्रदान करते हैं। साथ ही प्राइवेट बस सेवा भी यहाँ तक उपलब्ध है।

4) आप मुंबई से सीधे भी टैक्सी कर सकते हैं। (यदि आप विदेशी पर्यटक हैं, तो पहले ड्राइवर के लाइसेंस और प्रारंभिक जानकारियों की छानबीन कर लें)। (Travel)

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