बाल कहानी : दीपावली का क्या महत्व है?

बाल कहानी : (Hindi Kids Story) दीपावली का क्या महत्व है?- दशहरे का त्यौहार अभी बीता भी न था कि पलक झपकते ही दीपावली आ गई। कितनी मधुरता व सौम्यता है इस नाम में इसका अर्थ है ‘दीपों की पंक्ति’ हरिवंशराय बच्चन ने भी कहा है-

 दीप मालिका मना रही है,

 रात हमारो तारों वाली।

हाँ तो नटकू महाशय को भी दीपावली मनाने की छुट्टियां हुई परन्तु अफसोस कि स्कूल से ढेेर सारा काम करने को मिल गया। सारा का सारा मजा किरकिरा हो गया। पर काम तो करना ही होगा। हिन्दी के अध्यापक ने ‘दीपावली’ पर लिखने को निबंध दिया था उसने इस बार शाबाशी लेने की ठानी। छोटी दीपावली वाला दिन था बाजार की धूम-धाम देखना बनता था घर-घर में दीपक टिम-टिमा उठे मुडेरों पर दीपक की पक्तियां किरणों की माला लग रही थी। अमावस्या की रात ज्योतिमय प्रकाश में परिवर्तित हो गई। नटकू अन्य सब काम खत्म कर अपने दोस्तों के साथ आंगन में पटाखे चला रहा था परन्तु उसकी आँखे तो किसी को ढूँढू रही थी? जी हां चाचा को आखिर उसे लिखने का मामला तो चाचा ही समझाकर बतायेंगे। आधे घंटे के के इंतज़ार के पश्चात चाचा आए। उनके पधारते ही उनको पकड़ने को लपका। चाचा से बोला-आज इतनी देर क्यों हो गई। कब से मैं आपकी बाट जोक रहा हूं। चाचा ने हंसकर कहा-‘जरूर दाल में कुछ काला है ये मेरी बाट क्यों जोहेगा।’

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नटकू ने सारी बात समझकर प्रश्न किया-चाचा हम दीपावली क्यों मनाते है?’

चाचा बोले-ओ हो, तो ये बात है आओ छत पर बैठकर बात करते है। बेटा, दीपावली श्री राम के राज्य अभिषेक दिवस के रूप में अयोध्या वासियों ने मनाया। अमावस्या की रात की लालिमा में पृथ्वी दीपों के आलोक से तारे की भांति जगमगा उठी। दूसरी बात श्री राम अत्याचारी रावण का वध कर लौटे थे, अतः यह त्योहार असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है

इसी दिन भगवान विष्णु ने नृसिंह के रूप में अवतरित होकर प्रहलाद के अहंकारी पिता हिरण्यकश्यप का वध किया था।

अमावस्या की रात्रि को लक्ष्मी-गणेश पूजा होती है लक्ष्मी धन की देवी मानी जाती है और गणेश जी जन कल्याण के अतः इनकी पूजा का अर्थ है अर्जित धन को लोक कल्याण में व्यय करना।

आधुनिक युग के महान समाज सुधारक स्वामी दयानन्द सरस्वती और संस्कृति नेता स्वामी रामतीर्थ एव जैन धर्म के पूवर्तक महावीर का स्वर्गवास भी इसी दिन हुआ था सिखों के छठे गुरू हरगोविंद सिंह जी ने भी इसी दिन कारावास से मुक्ति पाई थी महाराज युधिष्ठिर का राजसूर्य यज्ञ भी इसी दिन समाप्त हुआ।

दीपमाला का एक अन्य तथ्य ऋतु परिवर्तन है इस दिन वर्षा ऋतु का अहसार और शरद ऋतु का समारक होता है वर्षा के कारण उत्पन्न कीट पतंगे, मच्छर आदि दीपावली की सफाई के कारण नष्ट हो जाते है पनपते नहीं।

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नटकू हैरान हो गया यह सुनकर वह पूछने लगा-‘चाचा आगे न बताना। मनाने का ढंग कल पता लग जाएगा। पर हम आज के युग में इस महान दिवस को क्या कर सम्मानित कर सकते है?’

‘वाह, मेरे सपूत क्या बात पूछी है। इस दिन की उपयोगिता तभी है जब लोग जुआ खेलना, शराब पीना, शरारत से पटाखे चला कर तंग करना आदि छोड़कर अच्छे मार्ग पर चलें परिश्रम, सत्य, स्वच्छता और कत्र्तव्य पालन का दृढ संकल्प लें। यह दिन सही कार्यो में एक आदर्श हैं हां तुम बच्चों को तो पढ़कर अच्छे नागरिक बनने का संकल्प लेना चाहिए’ चाचा ने बोलना समाप्त किया। आसपास पटाखे चलने बंद हो गए। चाचा-भतीजा खाना खाने को नीचे चल पड़े।

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