प्रेरणादायक कहानी : होशियार तोते की बात

(Inspirational Story) प्रेरणादायक कहानी : होशियार तोते की बात :- एक समय की बात है एक जंगल में एक तोता रहता था। वह बहुत सुंदर था। उसकी चांेच और पंख बहुत ज़्यादा सुंदर थे। उस तोते के साथ उसका छोटा भाई भी रहता था। वह दोनों जंगल में खुशी खुशी रहते थे।

 एक दिन एक शिकारी जंगल में आया। उसने तोते की इस जोड़ी को देखा और सोचा, ‘यह तोते बहुत सुंदर और खास है। मैं इन तोतों को राजा को भेंट करूंगा।’ उस शिकारी ने जंगल में अपना जाल बिछाया ताकि वह दोनों तोतो को पकड़ सके। जल्द ही दोनों तोते उस शिकारी के जाल में फंस गए।

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उसने तोतो को अपने पिंजरे में रखा और अपने घर वापिस चला गया। उस शिकारी ने राजा से कहा, ‘ओह राजा! देखिए तोतों की इस सुंदर जोड़ी को। मैंने इन्हें घने जंगल से पकड़ा है। इनकी सुंदरता देखकर सोचा किया कि मैं इन्हें आपको भेंट स्वरूप दूं। यह आपके महल की खूबसूरती में चार चांद लगा देंगे।’

यह सुनकर राजा बहुत खुश हुआ। उसने शिकारी को एक हज़ार सिक्के ईनाम में दिए। उस राजा ने दोनों तोतो को सोने के पिंजरे में रखा और अपने सेवकों को उनकी देखभाल करने का आदेश दिया।

तोतों की बहुत अच्छे से देखभाल की जाती थी। उन्हें महल में बहुत महत्वपूर्ण पक्षियों की तरह रखा गया। उन्हें खाने में फल और स्वादिष्ट खाना दिया जाता था। सबकी नज़र महल में तोतो पर रहती थी। बल्कि राजकुमार भी उन तोतों के साथ खेलने आता था। तोते बहुत खुश थे। उन्हें सब कुछ बिना मेहनत के मिल रहा था। बड़े तोते ने अपने भाई से कहा, ‘हमें इस राजमहल में काफी इज्ज़त मिली है इसलिए मैं पूरी तरह संतुष्ट हूँ।’

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छोटे भाई ने जवाब दिया, ‘तुम सही कह रहे हो। हमें एकदम राजसी सेवा मिल रही है। यह हमारी किस्मत है।’

एक दिन शिकारी काला बंदर लेकर आया और उसने उसका नाम काला बाहू रखा। वह बंदर राजा को भेंट किया गया। राजा ने अपने सेवकों को बंदर को आंगन में रखने के लिए कहा। राजा और उनका बेटा यानि छोटा राजकुमार और सेवक बंदर की हरकते देखकर बहुत खुश और हैरान हुआ। जल्द ही बंदर ने सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लिया था।

बंदर के आने से तोतों पर अब कोई ध्यान नहीं देता था। कभी कभी तो उन्हें खाना भी नहीं मिलता था। दोनों तोतो को इसका कारण पता था। बड़ा तोता होशियार था और उसे उम्मीद थी कि जल्दी उनके दिन बदलेंगे इसलिए उन्हें उदास नहीं होना चाहिए। उसने अपने भाई को संतावना दी, ‘इस दुनिया में कोई चीज़ हमेशा के लिए नहीं होती। जब तक हमारे बुरे दिन खत्म नहीं होते तब तक थोड़ा धीरज रखो।’

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एक दिन बंदर राजकुमार के आगे कुछ पेश कर रहा था और उससे राजकुमार डर गया और वह चिल्लाया, ‘मेरी मदद करो, मेरी मदद करो।’ राजकुमार की आवाज़ सुनकर सभी उसके पास आ गए और वहां से राजकुमार को ले गए। जब राजा को इसका पता चला तो उसने अपने सेवकों को आदेश दिया कि वह बंदर को जंगल में वापिस छोड़ आए। अगले दिन बंदर को जंगल में भेज दिया गया।

अब तोतों के बुरे दिन खत्म हो गए थे। उनकी फिर से खातिरदारी होने लगी। उनके लिए अच्छे और स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते थे। वह फिर से सभी की आंख के तारे बन गए।

होशियार तोते ने अपने छोटे भाई को समझाया कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता, इसलिए अगर हमारे साथ कुछ समय के लिए कुछ गलत हो रहा है तो उससे हमें घबराना नहीं चाहिए। छोटे तोते को महसूस हुआ कि इस दुनिया में कोई भी चीज़ हमेशा एक जैसी नहीं रहती इसलिए हर किसी को धीरज रखना चाहिए।