/lotpot/media/media_files/2025/12/31/jungle-ki-kahani-ekta-ki-shakti-kids-story2-2025-12-31-12-33-58.jpg)
बच्चों के लिए Jungle Ki Kahani का एक नया और रोमांचक सफर। जानिए कैसे नीलगिरी जंगल के जानवरों ने अपनी एकता और सूझबूझ से एक बड़ी मुसीबत को टाला। Moral Jungle Story in Hindi.
परिचय (Introduction)
नमस्ते नन्हे दोस्तों! क्या आपने कभी सोचा है कि घने जंगलों के गहरे सन्नाटे में जानवर आपस में कैसे रहते होंगे? क्या वे भी हमारी तरह स्कूल जाते हैं या फिर उनके पास अपनी कोई अलग दुनिया होती है? आज की हमारी Jungle Ki Kahani हमें ले जाएगी एक ऐसे ही अद्भुत जंगल में, जिसका नाम है—'नीलगिरी जंगल'। यह कहानी हमें सिखाती है कि जब मुसीबत आती है, तो ताकत से ज़्यादा बुद्धि और एकता काम आती है। तो चलिए, शुरू करते हैं नीलगिरी के वीरों का यह सफर।
नीलगिरी जंगल और जादुई झील
बहुत दूर एक शांत वादी में नीलगिरी नाम का एक विशाल जंगल था। यहाँ के पेड़ इतने ऊंचे थे कि वे बादलों को छूते थे। इस जंगल के बीचों-बीच एक बहुत ही सुंदर झील थी, जिसे 'अमृत झील' कहा जाता था। कहा जाता था कि इस झील का पानी जो भी पीता, वह कभी बीमार नहीं पड़ता।
इस जंगल में शेरू शेर का राज था, जो बहुत ही न्यायप्रिय राजा था। उसके दरबार में जम्बो हाथी, चीकू खरगोश, और बबली लोमड़ी जैसे वफादार साथी थे। सभी जानवर मिल-जुलकर रहते थे और एक-दूसरे की मदद करते थे।
एक अनजाना खतरा
एक बार नीलगिरी जंगल में बहुत बड़ी मुसीबत आ गई। आसमान से आग बरसने लगी और महीनों तक बारिश नहीं हुई। धीरे-धीरे जंगल के छोटे-छोटे तालाब सूखने लगे। अमृत झील का पानी भी कम होने लगा। तभी एक दिन, जंगल के किनारे पर रहने वाले मिंकू बंदर ने कुछ अजीब देखा।
उसने देखा कि जंगल के उत्तरी हिस्से में रहने वाला एक विशाल और घमंडी कालू भालू अमृत झील पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। कालू बहुत ताकतवर था और उसने झील के चारों ओर कटीली झाड़ियां बिछा दी थीं ताकि कोई और जानवर वहां न आ सके।
मिंकू दौड़कर राजा शेरू के पास पहुंचा। "महाराज! अनर्थ हो गया। कालू भालू ने हमारी झील पर कब्जा कर लिया है। वह किसी को पानी नहीं पीने दे रहा।"
जम्बो और चीकू की योजना
राजा शेरू ने कालू को समझाने की कोशिश की, लेकिन कालू ने किसी की बात नहीं मानी। वह अपनी ताकत के नशे में चूर था। "यह झील अब मेरी है! जिसके पास हिम्मत हो, वह आकर पानी पी ले," कालू ने दहाड़ते हुए कहा।
जंगल के जानवर प्यास से बेहाल थे। तब चीकू खरगोश ने अपनी छोटी सी नाक सिकोड़ी और ज़ोर से कहा, "ताकत का मुकाबला हमेशा ताकत से नहीं, बल्कि दिमाग से किया जाता है।"
चीकू ने जम्बो हाथी और बबली लोमड़ी को अपने पास बुलाया और एक गुप्त योजना बनाई। उन्होंने तय किया कि वे कालू को सबक सिखाएंगे लेकिन बिना किसी लड़ाई-झगड़े के।
जादुई फल का नाटक
अगली सुबह, बबली लोमड़ी कालू के गुफा के पास जाकर ज़ोर-ज़ोर से बातें करने लगी। "अरे जम्बो! क्या तुमने सुना? जंगल के उस पार एक 'जादुई सुनहरी बेरी' का पेड़ मिला है। जो भी उस फल को खाएगा, वह पूरी दुनिया का सबसे शक्तिशाली जानवर बन जाएगा!"
झाड़ियों के पीछे छिपा कालू यह सब सुन रहा था। उसके कान खड़े हो गए। उसने सोचा, "अगर मैं वह फल खा लूं, तो मैं न केवल इस झील का, बल्कि पूरे नीलगिरी जंगल का बेताज बादशाह बन जाऊंगा।"
लालच और एकता की जीत
/filters:format(webp)/lotpot/media/media_files/2025/12/31/jungle-ki-kahani-ekta-ki-shakti-kids-story-1-2025-12-31-12-33-58.jpg)
कालू भालू ने लालच में आकर झील छोड़ दी और उस जादुई फल की तलाश में जंगल के दूसरे छोर की ओर भाग खड़ा हुआ। जैसे ही कालू वहां से गया, जम्बो हाथी ने अपनी सूंड से सारी कटीली झाड़ियों को हटा दिया।
सारे जानवर अमृत झील पर पहुंचे और जी भरकर पानी पिया। लेकिन योजना अभी खत्म नहीं हुई थी। चीकू जानता था कि कालू वापस आएगा। इसलिए, उन्होंने झील के पास वाली मिट्टी को गीला करके उस पर फिसलन भरा लेप लगा दिया।
जब कालू भालू खाली हाथ और गुस्से में वापस आया (क्योंकि वहां कोई जादुई फल नहीं था), तो वह झील की ओर झपटा। लेकिन जैसे ही उसने कदम रखा, वह 'धप' से फिसलकर दूर जा गिरा। सभी जानवर एक साथ खड़े हो गए और ज़ोर से चिल्लाए, "कालू भाई! यह जंगल हम सबका है। अगर तुम अकेले कब्ज़ा करोगे, तो ऐसे ही गिरोगे।"
कालू को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने देखा कि छोटे से खरगोश से लेकर बड़े हाथी तक, सब एक साथ खड़े हैं। उसने माफ़ी मांगी और वादा किया कि वह कभी किसी का हक नहीं छीनेगा।
बारिश और नई शुरुआत
जैसे ही जंगल में एकता वापस आई, आसमान में काले बादल छा गए और ज़ोरदार बारिश होने लगी। नीलगिरी जंगल फिर से हरा-भरा हो गया। राजा शेरू ने चीकू खरगोश को 'जंगल का रत्न' की उपाधि दी।
कहानी से सीख (Moral of the Story)
इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है:
एकता में बल है: जब सभी जानवर एक साथ मिले, तो वे एक शक्तिशाली भालू को भी हरा सके।
बुद्धि की जीत: कभी-कभी जो काम बड़ी सेना नहीं कर पाती, वह एक छोटी सी चतुराई भरी योजना कर देती है।
लालच बुरी बला है: कालू ने लालच में आकर अपना वर्तमान सुख (झील) भी खो दिया था।
क्या आप जानते हैं? नीलगिरी (Nilgiri) भारत के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक पर्वत श्रृंखला है, जिसे 'ब्लू माउंटेन्स' भी कहा जाता है। यह इलाका अपनी जैव विविधता (Biodiversity) और हाथियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसके बारे में और अधिक जानकारी आप Wikipedia पर पढ़ सकते हैं।
लेखक की कलम से: प्यारे बच्चों, याद रखना कि असली राजा वही है जो सबको साथ लेकर चले, न कि वह जो दूसरों को डराकर राज करे।
और पढ़ें :
मोंटी का स्कूल: नीलगीरी जंगल की सबसे अनोखी और समझदार पाठशाला (Jungle Story)
प्रयास करना ना छोड़ें: चिकी गिलहरी और वो लाल रसीला फल (Motivational Story)
खरगोश की चालाकी: जब नन्हे बंटी ने खूंखार भेड़िये को सिखाया सबक
चूहे और चिड़िया की दोस्ती: जंगल की एक अनोखी और साहसी कहानी
Tags : best hindi jungle story | Best Jungle Stories | Best Jungle Story for Kids | best jungle story in hindi | choti jungle story | Hindi Jungle Stories | hindi jungle stories for kids | Hindi Jungle Story | hindi jungle stoy | Jungle Stories
