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"आओ मिलो शीलो शालो" एक लोकप्रिय और मनोरंजक हिंदी बाल कविता है जो बच्चों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। यह कविता अपनी सरल भाषा, चंचल तुकबंदी और मज़ेदार कहानी के लिए जानी जाती है। कविता बच्चों को हंसाने और उनका मनोरंजन करने का एक शानदार तरीका है। इसके अलावा, यह कविता बच्चों को नए शब्द सीखने और उनकी भाषा कौशल को विकसित करने में भी मदद करती है।
इस कविता की सबसे खास बात इसकी कहानी है, जो बच्चों को कल्पना की दुनिया में ले जाती है। कविता में रस मलाई खाने, कच्चा धागा रेस लगाने, और हिरन के बच्चे की कहानी जैसे कई दिलचस्प तत्व हैं। यह सभी तत्व मिलकर कविता को और भी मज़ेदार और यादगार बनाते हैं।
कविता: आओ मिलो शीलो शालो
आओ मिलो शीलो शालो,
आओ मिलो शीलो शालो,
रस मलाई खाएँगे।
कच्चा धागा रेस लगा लो,
दस पत्ते तोड़े,
एक पत्ता कच्चा,
हिरन का बच्चा।
मच्छी से निकला काँटा,
तेरा मेरा चाँटा,
चाँटा लगा जोर से,
हमने खाए समोसे।
समोसे बड़े सस्ते,
नाना जी नमस्ते।
हिरन गया पानी में,
पकड़ा उसकी नानी ने,
नानी गई लंदन,
वहीं से लाई कंगन।
नानी को मनाएँगे,
रस मलाई खाएँगे,
रस मलाई अच्छी,
हमने खाई मच्छी।
