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चॉकलेट गुड़िया कविता बच्चों के लिए लिखी गई एक मीठी, मासूम और भावनाओं से भरी हिंदी बाल कविता है। छोटे बच्चों की दुनिया में खिलौने, चॉकलेट और दोस्ती बहुत खास जगह रखते हैं। यह कविता उसी प्यारी दुनिया की झलक दिखाती है, जहाँ एक छोटी-सी बात भी बच्चों को रुला सकती है और उतनी ही जल्दी उन्हें हँसा भी सकती है। सरल शब्दों और मधुर लय वाली यह कविता बच्चों को तुरंत आकर्षित करती है।
कविता में रोती हुई चॉकलेट गुड़िया का चित्र बच्चों के मन में एक कहानी जैसा दृश्य बना देता है। जब बच्चा कहता है कि वह नई चॉकलेट लाएगा, तो इसमें साझा करना, प्यार और देखभाल की भावना झलकती है। यही भावनाएँ बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए बेहद ज़रूरी हैं। चॉकलेट गुड़िया कविता बच्चों के लिए इसलिए खास है क्योंकि यह मनोरंजन के साथ-साथ बच्चों को साफ-सुथरी आदतें और अपनापन भी सिखाती है।
यह कविता नर्सरी, केजी और शुरुआती कक्षाओं के बच्चों के लिए उपयुक्त है। स्कूलों में कविता पाठ, घर पर कहानी समय या बाल साहित्य की किताबों में इसे आसानी से शामिल किया जा सकता है। छोटे वाक्य, आसान शब्द और तुकबंदी बच्चों की भाषा पकड़ मजबूत करने में मदद करते हैं।
अगर आप बच्चों को हँसी, मिठास और सीख से भरी हिंदी कविता सुनाना चाहते हैं, तो यह कविता एक सुंदर विकल्प है।
कविता: चॉकलेट गुड़िया
चॉकलेट गुड़िया तू क्यों रोती है?
आँसू से मुँह धोती है।
चॉकलेट को रूठी है,
यह तो मेरी झूठी है।
झूठा खाते कभी नहीं,
लाती हूँ मैं नई अभी।
