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गिनती की दुनिया: अंकों में छिपा जीवन का ज्ञान

गिनती हमारे जीवन की पहली सीख होती है। जब बच्चा बोलना शुरू करता है, तो सबसे पहले वह एक, दो, तीन कहना सीखता है। लेकिन गिनती केवल अंकों तक सीमित नहीं है।

By Lotpot
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गिनती हमारे जीवन की पहली सीख होती है। जब बच्चा बोलना शुरू करता है, तो सबसे पहले वह एक, दो, तीन कहना सीखता है। लेकिन गिनती केवल अंकों तक सीमित नहीं है। हर अंक अपने साथ एक अर्थ, एक सीख और जीवन का एक अनुभव लेकर आता है। इसी सोच को सामने रखकर लिखी गई गिनती की कविता बच्चों को न सिर्फ अंक सिखाती है, बल्कि उन्हें सही सोच और अच्छे संस्कारों की दिशा भी दिखाती है।

एक अंक हमें सच्चाई और एकता का महत्व समझाता है। एक ही सच होता है, और सच के आगे सिर झुकाना ही सबसे बड़ी समझदारी है। जब एक और एक मिलते हैं, तो दो बनते हैं। यह दो हमें प्यार, सहयोग और साथ रहने की सीख देते हैं। दो शब्द अगर प्यार से बोले जाएँ, तो बड़े से बड़ा मन भी जीत सकते हैं।

तीन अंक अपने आप में संतुलन का प्रतीक है। मन, तन और आत्मा जब एक साथ सही दिशा में चलते हैं, तभी जीवन सही मायने में सुंदर बनता है। चार अंक हमें चारों दिशाओं और चार धाम की याद दिलाता है, जो आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है। वहीं पाँच अंक पाँच उँगलियों की तरह हमें एकजुट रहने और साथ-साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।

इस तरह गिनती की कविता बच्चों के लिए एक खेल की तरह होती है, लेकिन उसके भीतर जीवन की गहरी बातें छुपी होती हैं। यह कविता सिखाती है कि अंक केवल गिनने के लिए नहीं होते, बल्कि वे हमें जीवन को समझने, रिश्तों को निभाने और सही रास्ता चुनने की प्रेरणा भी देते हैं।

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गिनती की कविता

गिनती से ही जीवन की शुरुआत होती है,
एक से आगे बढ़कर दुनिया पूरी बनती है।
एक अंक सिखाता है सच्चाई की राह,
सच के आगे झुकता है हर झूठ का चाह।

एक ही है सूरज, एक ही है चाँद,
एक से चलता है जीवन का संवाद।
एक और एक जब मिल जाते हैं दो,
तब रिश्तों में बसता है अपनापन सा जो।

दो हाथ मिलें तो बनती है ताक़त,
दो शब्द प्यार के, मिटा दें हर आफ़त।
दो आँखों से देखो दुनिया का रंग,
हर कोने में दिखे जीवन का ढंग।

तीन अंक अपनी अलग पहचान रखता है,
मन, तन और आत्मा को साथ रखता है।
तीन रंग तिरंगे में शान बढ़ाते हैं,
देशभक्ति के भाव जगमगाते हैं।

चार दिशाएँ, चारों धाम,
चार से जुड़ा है श्रद्धा का नाम।
चार पहर का जीवन चक्र,
समय सिखाता है धैर्य का मंत्र।

पाँच उँगलियाँ मिलकर हाथ बनाती हैं,
मेहनत, हुनर और शक्ति सिखाती हैं।
पाँच इंद्रियाँ जब संतुलन में रहती हैं,
तब जीवन की राहें आसान लगती हैं।

इस तरह हर अंक एक कहानी कहता है,
ज्ञान, संस्कार और सीख देता है।
गिनती केवल संख्या नहीं होती,
यह जीवन को समझने की कुंजी होती है। 

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